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भगवान राम के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया पर फंसा रहे जाल में

जीआइएफ में छिपी होती है एपीके फाइल्स, डाउनलोड करते ही हैक हो रहा फोन    

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cyber crime

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इन बातों का रखें ध्यान
- अंजान नम्बरों से आने वाली तस्वीरों या जीआइएफ डाउनलोड न करें।
- यदि ऐसा होता है, तो तत्काल गैलरी से जीआइएफ और तस्वीर को डिलीट करें।
- सेंटिंग्स में जाकर एपीके फाइल्स को डिलीट करें।
- आवश्यकता होने पर साइबर एक्सपर्ट से मोबाइल की जांच कराएं।

जबलपुर। अयोध्या में रामलला की प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा की आड़ में साइबर ठगों ने जाल फैला लिया है। श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों के फोन पर भगवान राम और अयोध्या के मंदिर की जीआईएफ (ग्राफिक्स इंटरचेंज फाॅर्मेट) फाइल भेज रहे हैं। इसके जरिए फोन को हैक किया जा रहा है। ठगों ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर मैसेज भेजकर फोन को हैक करने यह नया तरीका निकाला है। इन तस्वीरों और जीआईएफ पर क्लिक करते ही इनमें छिपी एपीके फाइल्स फोन में ऑटोमैटिक डाउनलोड हो जाती हैं और इसके जरिए फोन हैक हो जाता है। इसके बाद साइबर ठग फोन की मिररिंग कर मोबाइल वॉलेट से रुपए उड़ा लेते हैं।

डाउनलोड हो रही फाइल्स
जीआईएफ फाइल्स को डाउनलोड करने के बाद जब प्ले किया जाता है, तो उसमें छिपी एपीके फाइल्स सीधे सेटिंग्स में चली जाती हैं। इसके बाद ऑटोमैटिक रन होने के बाद वह सिस्टम को पूरी तरह से हैक कर लेती है। इसके बाद ठग अपने हिसाब से सेंटिंग्स कर लेता है। उसी के हिसाब से वह किसी भी तरह की ठगी को अंजाम दे सकता है।

गोपनीयता भी खतरे में
फोन हैक होने के बाद जहां बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा रहता है, वहीं फोन की तस्वीरों, वीडियो और फोन बुक भी हैकर्स को साफ नजर आने लगती हैं। मेल व अन्य चीजें भी हैकर्स आसानी से देख सकते हैं, इससे गोपनीयता भी खतरे में आ जाती है।

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