24 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां के कलेक्टर ने जिम्मेदारी निभाकर दिया संदेश, अपनी बेटी परी को पिलवाई पोलियो की दवा

जबलपुर जिले में तीन लाख बच्चों को पिलाई गई दो बूंद जिंदगी की
less than 1 minute read
Google source verification
यहां के कलेक्टर ने जिम्मेदारी निभाकर दिया संदेश, अपनी बेटी परी को पिलवाई पोलियो की दवा

polio drop

जबलपुर। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने अपनी बेटी परस्विनी (परी) को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर समाज के सभी वर्गों के सामने प्रेरक मिसाल पेश की। परी को पोलियो की दवा पिलाने के लिए हेल्थ वर्कस की टीम शाम को कलेक्टर के बंगले पर पहुंची थी। इस दौरान कलेक्टर ने पोलियो की दवा को सुरक्षित बताते हुए लोगों से कहा कि वे भी अपने परिवार के पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाने के लिए निर्धारित स्थनों पर ले जाएं।

पल्स पोलियो अभियान के 25वें वर्ष में पहले दिन जिले में तीन लाख चार हजार 353 बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई गई। केंट विधायक अशोक रोहाणी ने एक बच्ची को पोलियो रोधी दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद जिले में बनाए गए 2117 केंद्रों में दिनभर में पांच वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क पोलियो ड्रॉप दी गई। शहरी क्षेत्र में 907 बूथ बनाए गए थे। केंद्रीय रेलवे अस्पताल की ओर से स्टेशन पर पोलियो बूथ बनाया गया था। बस स्टैंड सहित अन्य भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भी में भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई।
ड्रॉप देने के दौरान लापरवाही
कोरोना काल में बच्चों के लिए चलाए गए पल्स पोलियो अभियान में कुछ केंद्रों में संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने में लापरवाही सामने आई है। कुछ केंद्रों में बच्चों को पोलियो ख्ुाराक देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का मास्क नाक के नीचे था। हैंड सेनेटाइज किए बिना ही पोलियो रोधी दवा पिलाई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सम्बंधित स्वास्थ्य केंद्रों को पोलियो टीम को सेनेटाइजर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। मास्क लगाने में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।