
Congress leader killer beaten by a woman in court premises
जबलपुर। शहर के बहुचर्चित राजू मिश्रा और कक्कू पंजाबी हत्याकांड के मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में अजीबो-गरीब वाक्यां हुआ। हत्या के आरोपितों में शामिल मोनू सबलोक को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। जैसे ही पुलिस मोनू सबलोक को लेकर आयी अचानक एक महिला ने उस पर हमला कर दिया। जब पुलिस कर्मी कुछ समझ पाते महिला पूरी तरह से हावी हो गई। वह मोनू को मारते-पीटते, घसीटकर न्यायालय परिसर से बाहर तक ले गई। अचानक हुई इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद पुलिस जैसे-तैसे मोनू को बचाकर जेल ले गई।
हिस्ट्रीशीटर की बहन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कोर्ट में मोनू सबलोक पर हमला करने वाली महिला हत्याकांड में मारे गए हिस्ट्रीशीटर कक्कू पंजाबी की बहन बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार अपने कक्कू पंजाबी की हत्या से दुखी उसकी बहन पहले तो कोर्ट में शांत बैठी रही। लेकिन पेशी होने के बाद जब मोनू को न्यायिक अभिरक्षा में ले जाया जा रहा था तभी कक्कू की बहन का माथा फिर गया। उसने हत्याकांड के मुख्य आरोपी बनाए गए मोनू सबलोक के साथ मारपीट शुरू कर दी। इससे कोर्ट परिसर में कुछ देर तक अराजकता का माहौल बना रहा। बाद में पुलिस मोनू को एक ऑटो बैठाकर ले गई। पुलिस की घटना की जांच शुरू कर दी है।
खुलेआम गोली मारकर की हत्या
कांग्रेस नेता और हिस्ट्रीशीटर कक्कू पंजाबी की करीब डेढ़ साल पहले खुलेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना चेरीताल में उस वक्त हुई थी जब कक्कू किसी काम के सिलसिले में राजू मिश्रा से मिलने के लिए पहुंचा था। उस दौरान पहले से घात लगाए बैठे पेशेवर शूटर्स ने दनादन कई राउंड गोलियां बरसाईं। जिसमें कांगे्रस नेता राजू और कक्कू की मौके पर ही मौत हो गई।
विजय यादव अब भी फरार
चेरीताल में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में पुलिस ने शहर के एक बदमाश विजय यादव को भी आरोपी बनाया है। सूत्रों के अनुसार विजय यादव ने ही अपने भाई रतन यादव के साथ मिलकर इस हत्याकांड की साजिश की थी। जिसमें बाहर से आए शूटर्स ने राजू और कक्कू पर गोलियां चलाईं। इस मामले में पुलिस ने कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी की है। लेकिन महीनों बाद भी पुलिस विजय यादव को पकडऩे में असफल साबित हुई है।
एक टीआई हो चुका है सस्पेंड
शहर के सनसनीखेज वारदातों में से एक राजू और कक्कू हत्याकांड का मामला हाल ही में भी सुर्खियों में था। उस वक्त हत्याकांड के आरोपी विजय यादव को संरक्षण देने की शिकायत पर एक टीआई से थाने का प्रभार का छीन लिया गया था। गोहलपुर थाना प्रभारी केपी यादव के चेतावनी के बाद भी बदमाश विजय यादव को सहयोग करने की शिकायत पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा विजय के रसूखदारों से संबंध भी कई तरह की चर्चा में रहे है।
Published on:
21 Mar 2018, 6:17 PM IST
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