जबलपुर में फिर डराने लगा है कोरोना संक्रमण, लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीज

-मध्य प्रदेश में सर्वाधिक कोरोना संक्रमित जबलपुर में
-सीएम शिवराज चौहान ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को दी हिदायत

By: Ajay Chaturvedi

Published: 05 Sep 2021, 02:16 PM IST

जबलपुर. जिले में कोरोना संक्रमण फिर से डराने लगा है। संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं। अब तो हालत ये है कि मध्य प्रदेश में कोरोना के सर्वाधिक केस जबलपुर में पाए गए हैं। इससे जहां आमजनो में भय व्याप्त हैं, वहीं प्रशासन के होश भी उड़े हैं। इस बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को सख्त हिदायत दी है कि वो तेजी से नियमित तौर पर संक्रमितों की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग कराई जाए।

आलम ये है कि जिले में पिछले पांच दिनों में कोरोना के 20 मामले सामने आ चुके हैं। राहत ये है कि सभी मरीजों की हालत नियंत्रित है। कुल 26 एक्टिव केस में से सिर्फ छह अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य सभी होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं। इस बीच कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सीएमएचओ ने कांट्रैक्ट ट्रेसिंग बढ़ा दी है। अब हर एक्टिव मरीज के संपर्क में आने वाले 50-50 लोगों के सैंपल जांच के लिए लिए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जिले में 3 सितंबर को कुल 7 नए संक्रमित मिले थे। सीएमएचओ डॉक्टर रत्नेश कुरारिया का कहना है कि मरीजों की हिस्ट्री खंगाली गई तो 6 वैक्सीनेटेड मिले। इसमें से पांच तो कोरोना टीका की दोनों डोज लगवा चुके हैं। इन मरीजों के लिए राहत की बात ये है कि सभी में सामान्य लक्षण हैं। डबल डोज लगवाने के बाद संक्रमित हुए पांच मरीजों के ब्लड सैंपल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए मेडिकल कॉलेज के माध्यम से भोपाल भिजवाया जा रहा है। रोजाना 5500 से 6000 के बीच सैंपल की जांच कराई जा रही है।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को संक्रमितों की रोज कांट्रेक्ट ट्रेसिंग कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कोरोना से बचाव के सारे इंतजाम प्राथमिकता के तौर पर जांच-परख लिए जाएं। अस्पतालों की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए। अस्पतालों में ऑक्सीजन आदि पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो। कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके लिए प्रशासनिक तौर पर अभियान चलाया जाए।

बता दें कि प्रदेश में सबसे अधिक कोरोना के सक्रिय मरीज जबलपुर में हैं, यहां पाजिटिविटी दर 22 फीसद है। दूसरे नंबर पर भोपाल है जहां 18 प्रतिशत पाजिटिविटी दर है। ऐसे ही इंदौर में 16 प्रतिशत एक्टिव केस है। वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित मिले सभी मरीजों का जीनोम सिक्वेसिंग के लिए सैंपल मेडिकल कॉलेज के माध्यम से भोपाल भेजा जा रहा है।

कोरोना संक्रमण बढते ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को वीडियो कॉफ्रेंसिंग से समीक्षा की। उन्होंने वैकसीनेशन से वंचित लोगों को सितंबर तक हर हाल में पहला डोज लगवाने का निर्देश दिया। साथ ही 17 सितंबर को पीएम के जन्मदिन पर वैक्सीनेशन महाभियान चलाने के भी निर्देश दिए।

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