कोरोना संदिग्धों के लिए बड़ी खबर, अस्पताल से मिलेगी छुट्टी पर 13 दिन घर में रहना होगा

कोरोना संदिग्धों के लिए बड़ी खबर, अस्पताल से मिलेगी छुट्टी पर 13 दिन घर में रहना होगा

 

By: Lalit kostha

Updated: 01 Apr 2020, 11:23 AM IST

जबलपुर। पुणे से लौटे लखनादौन निवासी एक 28 वर्षीय युवक सहित तीन अन्य संदिग्धों के थ्रोट स्वाब नमूनों की मंगलवार को एनआइआरटीएच में जांच हुई। चारों संदिग्धों के नमूनों की जांच में संक्रमण नहीं पाया गया है। इनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी एहतियातन सभी को क्वारंटाइन रखा गया है। लखनौदान निवासी युवक के अलावा तीन अन्य संदिग्धों में दो विक्टोरिया और एक मिलेट्री अस्पताल में भर्ती है।

पुणे से आए युवक सहित तीन संदिग्ध लोगों की जांच रिपोर्ट आई निगेटिव

शुक्रवार को होगी दोबारा जांच-
शहर में सबसे पहले कोरोना संक्रमित मिले चार लोगों के नमूने की दोबारा जांच होगी। इसमें सराफा कारोबारी के परिवार के तीन सदस्य सहित स्विट्जरलैंड से लौटा युवक शामिल है। चारों संक्रमित मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। ये सभी 20 मार्च को जांच में पॉजीटिव मिले थे। गाइडलाइन के लिहाज ने शुक्रवार को चारों पॉजीटिव मरीजों के नमूनों की दोबारा जांच की जा सकती है। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती इन चार संक्रमितों के अलावा बाकी चार संक्रमितों की हालत भी स्थिर बनी हुई है।

आइसोलेशन वार्ड में भर्ती आठों संक्रमितों की हालत स्थिर है। सिवनी से रेफर किए गए युवक के नमूने की जांच रिपोर्ट निगेटिव है। पहले मिले चार संक्रमितों के नमूनों के 14 दिन पूरे होने पर परीक्षण कराया जाएगा।
- डॉ. पीके कसार, डीन, मेडिकल कॉलेज

 

Tangled with Corona, but I never panicked in bhilwara

अस्पताल से डिस्चार्ज की तैयारी
संक्रमितों के सम्पर्क में आए सुख सागर मेडिकल कॉलेज में भर्ती 13 संदिग्धों की हालत स्थिर बनी हुई है। एनआइआरटीएच की जांच में भर्ती सभी संदिग्धों के नमूनों की दो दिन पहले जांच हुई थी। किसी में भी कोरोना संक्रमण नहीं पाया गया था। इन संदिग्धों के स्वास्थ्य की जांच और कोई संदिग्ध लक्षण नहीं मिलने डिस्चार्ज देने पर विचार किया जा सकता है। अस्पताल से डिस्चार्ज देने के बाद भी इन 13 लोगों को एहतियात होम क्वारंटाइन रखा जा सकता है।

चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ को फिर से बुलाया

पश्चिम मध्य रेलवे ने रेलवे की मेडिकल सेवा से सेवानिवृत्त हुए चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ को कोविड 19 करोना बीमारी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए बुलाया है। इस सम्बंध में रेलवे बोर्ड के जारी नोटिस के अनुसार रेलवे की स्वास्थ्य सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए चिकित्सक, शल्य चिकित्सक तथा पैरामेडिकल स्टाफ जिनकी आयु 65 वर्ष से कम है वे सभी रेलवे से सम्पर्क करके अपनी सेवाएं पुन: रेलवे को दे सकते हैं। इन सेवाओं के एवज में उन्हें सम्मानजनक वेतन भी दिया जाएगा। जबलपुर रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक देवेश सोनी ने बताया कि कोरोना वायरस की बीमारी के चलते स्टाफ की उचित चिकित्सा देखभाल तथा अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया है। इसके तहत सेवानिवृत्त चिकित्सक अथवा पैरामेडिकल स्टाफ किसी भी रेलवे अस्पताल में अपनी सेवाएं देने के लिए आवेदन दे सकता है।

Lalit kostha Desk
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