पांच तोप का परीक्षण
अब सेना उसे अपने तोपखाने में शामिल कर लेगी। इसके बाद इसकी तैनाती सीमाओं पर की जा सकेगी। जीसीएफ ने गत वर्ष आठ तोप के उत्पादन का लक्ष्य रखा था। इसमें तीन का परीक्षण जनवरी में किया गया था। फिर उन्हें सेना को सौंप दिया गया था। उसके बाद पांच तोप का परीक्षण मार्च में लॉन्ग प्रूफ रेंज खमरिया में किया गया। इसमें दो तोप की सुपुर्दगी की गई। तीन तोप जल्द ही सेना को सौंपी जाएंगी। हालांकि, इस वित्तीय वर्ष में 48 तोप का लक्ष्य रखा गया है। इसकी कीमत 22 से 23 करोड़ रुपए के बीच है।