कारोबारियों से रिश्वत मांगने के आरोप में ड्रग इंस्पेक्टर निलंबित

मेडिकल कॉलेज के पास दवा दुकानों में जांच के दौरान विवाद, संभागीय आयुक्त ने किया ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित, पांच दिन पहले भी दवा कारोबारियों से ड्रग इंस्पेक्टर ने मांगी थी लिखित माफी

By: Manish garg

Published: 29 May 2020, 11:26 PM IST

जबलपुर
मेडिकल कॉलेज के आसपास शुक्रवार को दवा दुकानों में सेनेटाइजर की जांच करने गए एक ड्रग इंस्पेक्टर ने कारोबारियों से 10-10 हजार रुपए की मांग की। अवैध वसूली से नाराज दवा कारोबारी एकजुट हो गए। रुपए नहीं देने पर दुकान बंद कराने की धमकी देते ही कारोबारियों ने ड्रग इंस्पेक्टर को घेर लिया। मामला बिगड़ता देख उसने मौके से दौड़ लगा दी। इस बीच घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंची। दवा दुकान संचालकों की शिकायत के बाद सम्भागायुक्त ने ड्रग इंस्पेक्टर रामलखन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
कार छोड़कर मौके से भागा

जानकारी के अनुसार ड्रग इंस्पेक्टर रामलखन शुक्रवार को दोपहर में मेडिकल कॉलेज के क्षेत्र में दवा दुकानों में सेनेटाइजर व मास्क की जांच करने पहुंचे। कारोबारियों के अनुसार दुकानों में तय रेट पर सेनेटाइजर बेचे जा रहे थे। आरोप है कि ड्रग इंस्पेक्टर ने अनावश्यक दबाव बनाकर 10-10 हजार रुपए की मांग की। इससे कारोबारी भड़क गए। स्थिति को भांपते हुए डीआइ मौके पर कार छोड़कर भाग गया। नेहरू नगर व्यापारी संघ के अध्यक्ष रोहित तिवारी के साथ दवा कारोबारियों ने प्रशासन और पुलिस को लिखित शिकायत की। उसके बाद एसडीएम, टीआइ, जबलपुर केमिस्ट एंड ड्रग एसेासिएशन के अध्यक्ष सुधीर बठीजा, सहित अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।

जिले से बाहर करने की मांग
दवा कारोबारी शुक्रवार को दोपहर बाद अचानक दुकानें बंद कर अघोषित हड़ताल पर चले गए। मेडिकल सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में दवा दुकानें बंद कर दी गई। दवा कारोबारियों में लगातार शिकायत के बावजूद ड्रग इंसपेक्टर पर कर्रवाई नहीं होने से नाराजगी थी।

23 मई को ही लिखित में मांगी थी माफी

डीआइ रामलखन का विवादा से नाता रहा है। वे अनियमितता के आरोप में लॉकडाउन से पहले भी निलंबित कर डिंडोरी में अटैच किए गए थे। लेकिन कुछ दिन बाद बहाल होकर दोबारा जिले मेंआ गए। हाल ही में ग्रामीण क्षेत्र में रात के समय दवा दुकानों की जांच को लेकर चर्चा में आए थे। तब भी कारोबारियों ने रामलखन पर अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। मामला बिगडऩे और निलंबित की स्थिति बनने पर 23 मई को दवा कारोबारियों से लिखित में माफी मांग ली थी।

Manish garg Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned