plot buyers alert जबलपुर की ये कॉलोनी निकली अवैध, प्लॉटधारियों की मुसीबत

ग्रीन बेल्ट और तालाब की जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों पर एफआईआर

 

 

By: Lalit kostha

Published: 29 Jul 2020, 11:37 AM IST

जबलपुर। शहर में भूमाफिया शासकीय जमीनों के साथ साथ ग्रीन बेल्ट और तालाबों की संरक्षित जमीनों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमकर कॉलोनियां काट रहे हैं। जिससे न केवल खरीदार परेशान हो रहे हैं बल्कि उनकी जमा पूंजी भी इनके जाल में फंसकर डूब रही है। शासन प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई के बाद भी इनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसी ही एक और कॉलोनी पर शासन ने कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई की है, साथ ही प्लाटिंग भी अवैध घोषित कर दी गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

नगर निगम के उपयंत्री ने दर्ज कराई थी शिकायत

ग्रीन बेल्ट व तालाब पर अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित करने वाले आरोपियों के खिलाफ नगर निगम में उपयंत्री की शिकायत पर तिलवारा पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है। पुलिस के अनुसार नगर निगम में उपयंत्री सतेंद्र दुबे ने निगमायुक्तकी ओर से शिकायत पत्र प्रस्तुत किया था। बताया कि खसरा नम्बर 662 के विभिन्न बटांक में भूस्वामी भरतीपुर मोती महल निवासी अमरनाथ, नर्मदा गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष जवाहरगंज निवासी शैलेंद्र जैन, मेसर्स केएस डेवलेपर्स पार्टनर आदित्य सिंह, आशीष सोनकर, विक्रमांत, हीरबाई सोनकर ने मिलकर यहां अवैध कॉलोनी विकसित की है। संयुक्त संचालक नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय ने इस भूमि को ग्रीन बेल्ट व तालाब क्षेत्र का बताया है। गोरखपुर तहसीलदार की ओर से गठित दल के राजस्व निरीक्षकों और पटवारी की सर्वे रिपोर्ट भी शिकायत के साथ प्रस्तुत की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अवैध कॉलोनी विकसित करने पर मप्र नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 292 ग के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया।

Lalit kostha Desk
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