नकलचियों की हरकतों को जाम कर रहा हाइटेक जैमर

प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड पीइबी की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-एक में नकल पर लगाम लगाने के लिए इस्तेमाल

By: shyam bihari

Updated: 04 Feb 2019, 01:26 AM IST

जबलपुर। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड 'पीइबीÓ की ओर से आयोजित की जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-एक में नकल पर लगाम लगाने के लिए हाई सिक्योरिटी जैमर का उपयोग किया जा रहा है। परीक्षा के लिए शहर में बनाए गए 11 केंद्रों में 40 से 45 जैमर लगाए गए हैं। यह व्यवस्था शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-2 में भी लागू करने का निर्णय किया गया है।
जानकारी के अनुसार शिक्षक भर्ती परीक्षा वर्ग-एक के लिए प्रदेशभर से 2.27 लाख आवेदन आए हैं। शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-2 में चार लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। जैमर के उपयोग से ऑनलाइन परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, स्पाई गैजेट्स ब्लॉक हो गए हैं।
विवि, कॉलेज परीक्षा में भी होगा उपयोग
विश्वविद्यालयीन और कॉलेज स्तर की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए यूजीसी भी जैमर के उपयोग पर जोर दे रहा हे। यूजीसी सूत्रों के अनुसार इस सम्बंध में योजना बनाई गई है। इसके लिए कॉलेजों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। वर्तमान में आइटी, मेडिकल, सिविल सेवा, पुलिस भर्ती आदि परीक्षाओं में ही जैमर का उपयोग हो रहा है।
ये है जैमर
जैमर आधुनिक तकनीकी उपकरण है। इससे वेब तरंगे जनरेट होती हैं, जो एक एक निश्चित क्षेत्र के भीतर संचालित होने वाली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के सिग्नल को ब्लॉक कर देता है। इससे सम्बंधित व्यक्ति के बीच होने वाला कम्यूनिकेशन बाधित हो जाता है। कॉलिंग के साथ ही इंटनरेट भी ठप हो जाता है।
11 परीक्षा केंद्र हैं शहर में
33,810 ने किया है आवेदन
6000 परीक्षार्थी प्रतिदिन शामिल हो रहे परीक्षा में
11 फरवरी तक चलेंगी परीक्षाएं
15-25 फुट है जैमर की रेंज

1. पिछले वर्ष रादुविवि की एलएलबी परीक्षा के दौरान एक छात्र को स्मार्ट वॉच के माध्यम से नकल करते पकड़ा गया था। छात्रा को परीक्षा से वंचित कर दिया गया था।
2. यूजी की प्राइवेट परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र में छात्र के पास से मोबाइल जब्त किया गया था। छात्र मोबाइल के इनबॉक्स में सवालों के उत्तर लिखकर लाया था।
3. फ्लाइंग स्क्वॉड ने शहर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र को मोबाइल से नकल करते हुए पकड़ा था। मोबाइल जब्त कर छात्र पर प्रकरण दर्ज किया गया था।

जैमर मोबाइल फ्रीक्वेंसी रेंज के सिग्नल को ब्लॉक कर देता है। यह फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम बांटने के दौरान कम्पनियों को दिया जाता है।
डॉ. प्रशांत जैन, आइटी एक्सपर्ट
ऑनलाइन परीक्षीओं में नकल करने के नए तरीकों को देखते हुए के जैमर का उपयोग किया जाता है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षाओं में युवतियों के कड़े, जूते भी उतरवा लिए जाते हैं।
प्रो. आरके भाटिया, एग्जाम कंट्रोलर, जेइसी
विश्वविद्यालय यूजी, पीजी के साथ ही सर्टिफिकेट कोर्स की परीक्षाओं का भी आयोजन कराता है। यूजीसी से अभी निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश मिलने पर विवि प्रशासन इस दिशा में काम करेगा।
प्रो. राकेश वाजपेयी, कुलसचिव, रादुविवि

shyam bihari Desk
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