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दिवंगत शिक्षिका की बेटी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र

locationजबलपुरPublished: Feb 10, 2024 07:47:29 pm

Submitted by:

shyam bihari

हाईकोर्ट का निर्देश

 

 

 

court order
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जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने एक आदेश में स्पष्ट किया कि कोरोना से दिवंगत शिक्षिका की पुत्री अनुकंपा नियुक्ति की पात्र हैं। एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी का अपात्र निरूपित करने वाला आदेश निरस्त कर दिया।

याचिकाकर्ता सागर निवासी अंशिका शर्मा की ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि उनकी मां शशि प्रभा भट्ट शासकीय कन्या प्राथमिक शाला, गोपालगंज सागर में शिक्षिका थीं कोराेना महामारी के कारण जून, 2021 में उनकी मृत्यु हो गई। याचिकाकर्ता ने विभाग में प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए जून 2021 में आवेदन जमा किया था। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश पारित कर कहा गया कि याचिकाकर्ता 21 वर्ष पूर्ण होने पर अनुकम्पा नियुक्ति की पात्र होंगी।

याचिकाकर्ता द्वारा 2023 में 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेने के बाद प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया गया। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी ने आवेदन इस आधार पर निरस्त कर दिया कि याचिकाकर्ता जिस पद प्रयोगशाला शिक्षक के लिए अनुकम्पा नियुक्ति चाहती है उस पद की निर्धारित योग्यता एक दिसंबर, 2022 केनोटिफिकेशन के अनुसार बीएड-डीएड है अतः याचिकाकर्ता उक्त पद की निर्धारित योग्यता नही रखती है। इसके बाद कोर्ट में याचिका दायर की गई।

हाईकोर्ट ने ग्राम रोजगार सहायक से वसूली पर लगाई रोक

हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने ग्राम रोजगार सहायक से वसूली पर रोक लगा दी। एकलपीठ ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, संभागायुक्त जबलपुर, कलेक्टर मंडला, सीईओ जनपद पंचायत एवं पूर्व सरपंच भूरेलाल धुर्वे को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

मंडला निवासी आलोकधर द्विवेदी की ओर से याचिका दायर कर बताया गया कि उस पर आरोप है कि जब उनके पास सचिव का प्रभार था तब उनके द्वारा शासकीय मद से अधिक रकम निकाली गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से दलील दी गई कि मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92 के तहत तब तक रिकवरी नहीं निकाली जा सकती, जब तक धारा 89 के तहत विधिवत जांच नहीं हो जाती। याचिकाकर्ता के खिलाफ 14 नवंबर 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी कर 4 लाख 23 हजार रुपए की रिकवरी निकाल दी गई।

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