INDIAN RALWAY : जानें क्यों घंटों देरी से चल रही हैं ट्रेनें?

abhishek dixit

Publish: Jul, 14 2018 06:30:06 AM (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
INDIAN RALWAY : जानें क्यों घंटों देरी से चल रही हैं ट्रेनें?

रेलवे में चल रहा मिलीभगत का खेल : ओवरलोड मालगाडिय़ों से निकल रहा ट्रैक का दम, फूंक रहे करोड़ों

जबलपुर. पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर सहित भोपाल व कोटा डिवीजन में ओवरलोड मालगाडिय़ां धड़ल्ले से दौड़ाई जा रही हैं। निर्धारित क्षमता से कई टन ज्यादा माल भरकर चल रहीं मालगाडिय़ां ट्रैक का दम निकाल रही हैं। इससे मेन लाइन समय से पहले कमजोर हो रहीं। उन्हें बदलने में करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। ट्रैफिक ब्लॉक लेने से यात्री ट्रेनें घंटों पिट रही हैं। यात्री ट्रेनें लेट होने एक ओर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वहीं रेलवे को इससे काफी हद तक नुकसान उठाना पड़ता है।

एक करोड़ पेनल्टी
जबलपुर से गई विजिलेंस टीम ने पिछले साल 17 जून को सतना में उत्तरप्रदेश जा रही क्लिंकर भरी ओवरलोड मालगाड़ी पकड़ी थी। इसमें 325 टन ज्यादा माल मिला था। एक करोड़ रुपए की पेनल्टी ठोकी गई थी।

3000 गुड्स ट्रेनें दौड़ीं
पमरे के जबलपुर व भोपाल डिवीजन में बीते कुछ माह में ही तीन हजार ओवरलोड मालगाडिय़ां चलने का अनुमान है। ऐसी एक रिपोर्ट रेलवे बोर्ड तक भी पहुंचाई गई है। इस आंकड़े ने जहां रेल विजिलेंस को सवालों के घेरे में ला दिया है, वहीं दोनों डिवीजन के कमर्शियल, परिचालन व मैकेनिकल विभाग की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह लगा है।

हर 5वीं गाड़ी ओवरलोड
रेल विजिलेंस को मालगाड़ी चैक करने का सबसे अधिक पावर है। वह ओवरलोड मालगाड़ी पकड़कर छह गुना पेनल्टी ठोकती है, लेकिन पमरे विजिलेंस मालगाडिय़ों की ओवरलोडिंग पर शिकंजा नहीं कस पा रही। इसका फायदा जबलपुर डिवीजन की सीमेंट सहित अन्य साइडिंग पर उठाया जा रहा है। तौल में खेल कर रेलवे के खजाने को सेंध लगाने के साथ ट्रैक का कबाड़ा किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो हर 5वीं मालगाड़ी ओवरलोड रहती है।

शोपीस बन गए वेब्रिज
जबलपुर डिवीजन के कछपुरा, पिपरिया, सतना, एनकेजे, खन्नाबंजारी में लगे रेलवे के वेब्रिज शोपीस बनकर रह गए हैं। इन पर मालगाडिय़ों की नियमित जांच नहीं की जाती।

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