scriptMahakaushal's first successful laparoscopic kidney transplant | महाकौशल का पहला सफल लेप्रोस्कोपिक किडनी ट्रांसप्लांट | Patrika News

महाकौशल का पहला सफल लेप्रोस्कोपिक किडनी ट्रांसप्लांट

बडेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल में हुआ ऑपरेशन

जबलपुर

Published: January 19, 2022 10:13:42 pm

जबलपुर।

शहर का पहला लेप्रोस्कोपिक किड्नी ट्रांसप्लांट में चिकित्सकों को कामयाबी हासिल हुई है। सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर युवक को नया जीवन दान दिया गया गया है। यह कार्य बडेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल के किड्नी ट्रांसप्लांट सर्जन डा. राजेश पटेल एवं वरिष्ठ नेफ़ोरोलोजिस्ट डा. विशाल वढ़ेरा द्वारा किया गया। यह जबलपुर एवं महाकौशल क्षेत्र का प्रथम डोनर लेप्रोस्कोपिक किड्नी ट्रांसप्लांट है। इस सफलता के बाद महाकौशल क्षेत्र के गंभीर किड्नी मरीज़ों को जिन्हें ट्रांसप्लांट (प्रत्यारोपण) की आवश्यकता है, उन्हें अब बड़े शहरों की लंबी वेटिंग लिस्ट और सतत लगने वाले चक्करों से निजात मिलेगी। पत्रकारवार्ता में बडेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल के डायरेक्टर राजीव बडेरिया ने बताया कि ये उनके अस्पताल एवं महाकोशल क्षेत्र के लिए गर्व की बात है, कि यहां भी विश्वस्तरीय मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होने लगी हैं। मरीज का पूरी तरह निशुल्क इलाज अस्पताल प्रबंधन द्वारा किया गया है इसमें जो भी खर्चा आया उसे प्रबंधन द्वारा वहन किया गया। डा. राजेश पटेल, डॉ विशाल वढ़ेरा के साथ डा. शैलेंद्र राजपूत, डा. फतनींद्र सोलंकी , डा. देवेश गुप्ता, डा.अनूप जैन, डा. पंकज शर्मा, डा. विपिन रघुवंशी और ट्रेंड ओटी स्टाफ़ का भी विशेष योगदान रहा। सर्जन डा.राजेश पटेल ने कहा कि लेप्रोस्कोपी द्वारा ऑपरेशन होने से डोनर को मात्र तीन दिनों में ही छुट्टी दे दी गई, जिसमें की सामान्यत: सात दिनों का वक्त लगता है। सतना निवासी मरीज़ प्रकाश पटेल(27) भी पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और एक सामान्य इंसान की तरह जीवन जीने लगा है। किड्नी का खराब हो जाना एक ऐसी बीमारी है जिसमें बड़े हुए बीपी, शुगर अथवा अन्य कारणों के मरीज़ की दोनों किड्नी काम करना बंद कर देती है। जिंदा रहने के लिए डायलिसस या किड्नी ट्रांसप्लांट ही एक मात्र इलाज बचता है।

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जागरूकता की है जरूरत

डा. राजपूत ने कहा कि आर्गन ट्रांसप्लांट के लिए लोगों में और समाज में जागरूकता जरूरी है। यदि जागरूकता आ जाए तो एेसे गंभीर रूप से बीमार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। इसके लिए हम सभी को भी सामाजिक रूप से प्रयास करने होंगे। बीमारी की मुख्य वजह समय पर पूरी नींद न लेना, अनियमित खानपान, मोबाइल से चिपके रहने, एक्सरसाइज न करना मुख्य वजह है जिससे बीपी, सुगर जैसी बीमारी भी पैदा होने लगती है।

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