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famous dussehra 2019 video: दुनिया में कहीं नहीं देखा होगा ऐसा जगराता, दस दिनों तक लगातार होते हैं महारानियों के दर्शन- देखें ये वीडियो

दुनिया में कहीं नहीं देखा होगा ऐसा जगराता, दस दिनों तक लगातार होते हैं महारानियों के दर्शन- देखें ये वीडियो  
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 7 Oct 2019, 12:43 PM IST

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famous dussehra

जबलपुर. देश में दशहरा धूमधाम से मनाया जा रहा है। नवरात्रि पर विविध रूपों में माता की झांकियां विराजमान की गई हैं। लेकिन देश में एक ऐसा शहर भी है जो नवरात्रि के अवसर पूरे दस दिनों तक जगराता करता है। इस जगराते में विविधताओं के साथ संस्कृति की झलक भी देखने मिलती है। माता रानी के विविध रूपों के दर्शनों को जनसैलाब उमड़ पड़ता है।

नवरात्र व्रत में पूर्णाहुति आज, मां के दरबारों में लगा भक्तों का मेला

नवरात्र पर मातारानी के दरबारों में भक्तों का मेला लग रहा है। नवमीं पर सोमवार को लोगों ने घरों और मंदिरों में पूजन किया। मातारानी को हलवा खीर का भोग अर्पित किया। नवरात्र व्रत में नवमीं तिथि सोमवार को भक्त पूर्णाहुति कर रहे हैं। मंदिरों, घरों एवं दुर्गोत्सव पंडालों में हवन कर अनुष्ठान पूर्ण किए जा रहे हैं। संस्कारधानी की प्रमुख शक्तिपीठों में सुबह से रात तक भक्तों का तांता लगा है। मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोग सामूहिक रूप से हवन पूजन हो रहा है।

नवरात्र में अष्टमी तिथि रविवार को महागौरी की उपासना की गई। खेरापति मंदिरों में अत्यधिक भीड़ थी। अंतिम दिन नवमीं को सिद्धिदात्री स्वरूप की साधना की जाएगी। नवमीं तिथि में लोग मंदिरों में दर्शन पूजन करने आदि शक्ति से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करेंगे। प्रमुख देवी मंदिर त्रिपुर सुंदरी मंदिर, बड़ी खेरमाई मंदिर, बूढ़ी खेरमाई मंदिर, बगलामुखी मंदिर, शीतला माता मंदिर घमापुर, काली माता मंदिर सदर में काफी संख्या में लोग देर रात स्तुति-आराधना कर रहे हैं। ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला के अनुसार नवमीं तिथि में सूर्योदय से अर्धरात्रि तक पूर्णाहुति का मुहूर्त है।

कन्या पूजन
प्रेमनगर बंगाली काली बाड़ी में सोमवार को नवमी पूजन सुबह 9.28 बजे होगा। सुबह 11 बजे कुमारी कन्या पूजा होगी। महाआरती, अंजली के बाद भोग प्रसाद का वितरण होगा। शाम 7.30 बजे धुनुची नृत्य होगा।

लौंग की माला अर्पित
गढ़ाफाटक स्थित वृहदमाता महाकाली को 21 हजार लौंग से तैयार माला अर्पित की गई। माला अर्पित करने के लिए बैंड दलों की धार्मिक धुनों के बीच शोभायात्रा निकली। माता की आरती के बाद भंडारा प्रसाद वितरित किया। रात में नामदेव भवन में देवी जागरण का कार्यक्रम हुआ।