tiger safari डुमना में दहाड़ेंगे बाघ, कमलनाथ सरकार का जबलपुर को तोहफा!

- नर्मदा रिवर फ्रं ट से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
- डुमना नेचर पार्क में बनेगी टाइगर सफारी

By: Lalit kostha

Updated: 11 Jul 2019, 02:47 PM IST

जबलपुर. नर्मदा रिवर फ्रंट विकसित होने से जबलपुर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। तिलवाराघाट-ग्वारीघाट के बीच बनने वाले रिवर फ्रं ट के प्रोजेक्ट को नगर निगम के बाद प्रदेश सरकार के बजट में भी मंजूरी मिलने से यहां साबरमती रिवर फ्रं ट की तर्ज पर विकास की राह खुल गई है। बजट में डुमना नेचर पार्क में टाइगर रिजर्व समेत नगर विकास के लिए कई सौगातों की घोषणा की गई है।

टाइगर सफारी की राह खुली
डुमना नेचर पार्क में टाइगर सफारी की स्थापना के लिए डेढ़ दशक से नगर निगम, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चाएं हुईं। राज्य के बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान टाइगर सफारी के लिए किया गया है। जबलपुर को पर्यटन हब बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

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संवरेंगे तालाब
सूपाताल, शाही ताल और इमरती तालाब के पुनरुद्धार के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गुलौआताल की तर्ज पर इन तालाबों का विकास होगा। हनुमानताल के पुनरुद्धार के लिए बजट में अलग से प्रावधान है।

गढ़ा में बनेगा फ्लाईओवर
इमरती तालाब के सामने से गढ़ा थाने तक फ्लाईओवर बनेगा। इससे पंडा की मढिय़ा से त्रिपुरी चौक, पुरवा मार्ग पर रोज लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। पंडा की मढिय़ा से धनवंतरि नगर तिराहे तक 50 फीट चौड़ी सडक़ भी बनेगी।

विस्थापितों के लिए स्पेशल पैकेज
मदन महल पहाड़ी से विस्थापित कर तिलहरी में बसाए गए 1200 परिवारों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए बजट में स्पेशल पैकेज का प्रावधान किया गया है।

गणेश मैदान में बनेगी टंकी
गढ़ा के गंगा नगर, पुरवा, चंदन कॉलोनी, नवनिवेश कॉलोनी, धनवंतरि नगर समेत आसपास के क्षेत्र में जलसंकट के निराकरण के लिए गणेश मैदान में पानी की टंकी बनाई जाएगी। ललपुर में भी टंकी के निर्माण के लिए प्रावधान किया गया है।

कैरियर सेंटर खुलेगा
बेरोजगारी शहर की बड़ी समस्या है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में रोजगार का संकट बड़ा मुद्दा था। 15 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शहर में कैरियर सेंटर खोला जाएगा।

अधूरे नाले होंगे पूरे
बजट में पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अधूरे नालों को पूरा करने का प्रावधान किया गया है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में अधूरे नाले हैं। इससे बारिश के दिनों में दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।

 

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Lalit kostha Desk
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