सबसे ज्यादा स्मोकिंग करते हैं इस शहर के युवा, जानें क्या है वजह

Premshankar Tiwari

Publish: Mar, 14 2018 01:07:28 PM (IST)

Jabalpur, Madhya Pradesh, India
सबसे ज्यादा स्मोकिंग करते हैं इस शहर के युवा, जानें क्या है वजह

शहर में बढ़ रहा है स्मोकिंग का चस्का, दमा, कैंसर के मरीजों की बढ़ रही संख्या

जबलपुर। सिगरेट का धुआं न केवल उसका कश भरने वाले को, बल्कि आसपास के लोगों को भी नुकसान पहुंचाता है। वर्तमान में इसकी गिरफ्त में कम उम्र के युवा भी आ रहे हैं। यही सही वक्त है कि तुरंत आप स्मोकिंग को न कहें। नेशनल नो स्मोकिंग डे के मौके पर संकल्प करें कि आप इसकी लत तुरंत छोड़ेंगे और खुशहाल जिंदगी जीएंगे। इस वर्ष की थीम 'टाइम टू क्विटÓ रखी गई है।

लंग्स, सीओपीडी प्रॉब्लम
शहर की बात की जाए तो यहां बड़ी संख्या में लोग इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज सहित निजी अस्पताल में पहुंचने वाले दमा, लंग्स प्रॉब्लम, कैंसर, सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मनरी डिसीज) के ज्यादातर केस स्मोकिंग, टोबैको की वजह वाले हैं। डॉक्टर्स की मानें तो इच्छाशक्ति के बूते इस आदत को छोड़ा जा सकता है। यदि आपने स्मोकिंग छोडऩे के संकल्प को पहले दिन पूरा कर लिया तो समझ लीजिए कि आप इस मुहिम में ८० प्रतिशत तक सफल हो गए हैं।

16-18 की उम्र में शुरू
16 से 18 वर्ष की उम्र में ही धूम्रपान की लत शहर के लोगों में देखी जा रही है। यदि शुरुआती दौर की यह आदत लत में तब्दील हो जाए तो 23 से 25 की उम्र में ही गंभीर बीमारी होने लगती है। यह स्थिति शहर में होने भी लगी है, क्योंकि एक बार सिगरेट का कश भरने के बाद ज्यादातर लोग इसके लती हो जाते हैं।

 

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