मौत पर लूट का खेल: प्राइवेट अस्पताल ने तीन लाख एडवांस लिए, फिर से मांगे इतने ही रुपए

मृतक के परिजन की शिकायत पर की कार्रवाई

 

By: Lalit kostha

Updated: 05 May 2021, 04:54 PM IST

जबलपुर। राइट टाउन स्थित एक निजी अस्पताल की ओर से कोरोना संक्रमित व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र एवं अन्य दस्तावेज नहीं दिए जाने की परिजन की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल निर्धारित दरों के मुताबिक बिल तैयार करने के निर्देश अस्पताल प्रबंधन को दिए, बल्कि परिजन को मृतक कोरोना मरीज का मृत्यु प्रमाण पत्र एवं अन्य सभी दस्तावेज भी तुरंत उपलब्ध कराए।

कलेक्टर से शिकायत
अस्पताल प्रबंधन द्वारा मृतक कोरोना मरीज के मृत्यु प्रमाण पत्र, बिल, डिस्चार्ज कार्ड एवं अन्य दस्तावेज अस्पताल प्रबंधन द्वारा कब्जे में ले लेने की यह शिकायत कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से मृतक की पत्नि द्वारा की गई थी। शिकायतकर्ता द्वारा कहा गया था उसके पति संजय झा का राइट टाउन स्थित अंनत अस्पताल में कोरोना का उपचार चल रहा था। इलाज के दौरान 17 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल को 2 लाख 93 हजार रुपए का बिल चुका दिया गया था। अस्पताल प्रबंधन करीब इतनी ही राशि की और मांग की जा रही थी एवं इस राशि को चुकाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तथा इलाज से सम्बंधित सभी कागजात जब्त करके रख लिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र, उपचार से सम्बंधित बिल और डिस्चार्ज कार्ड नहीं दिए जाने के कारण बीमा कपंनी से क्लेम भी नहीं मिल पा रहा है। कलेक्टर ने मृतक की पत्नी की इस शिकायत पर संज्ञान लेकर संयुक्त कलेक्टर शाहिद खान और डॉ. संजय छत्तानी को जांच करने और मृतक के परिजन को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

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कोविड वार्ड में ड्यूटी से डॉक्टर गायब, कार्रवाई का शिकंजा कसा

जिला चिकित्सालय के नर्सिंग हॉस्टल में बनाए गए कोविड वार्ड में ड्यूटी से गायब एक डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई का शिकंजा कस गया है। इस वार्ड में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए डॉ. संजय श्रीवास्तव को पदस्थ किया गया था। वे 17 अप्रेल से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं। कोरोना संकट के बीच डॉक्टर के गायब होने को कर्तव्य के प्रति लापरवाही मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. संजय श्रीवास्तव को मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 के सेक्शन 71(2), एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1987 और कोविड-19 रेग्युलेशन 2020 के प्रावधानों के तहत की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर मंगलवार को पटवारी के माध्यम से डॉक्टर के घर पर भी कारण बताओ नोटिस चस्पा कराया गया है। चौबीस घंटे के अंदर कर्तव्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। आदेश नहीं मानने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई करने की चेतावनी जारी है। बताया जा रहा है कि डॉ. श्रीवास्तव रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर में पदस्थ हैं। राजभवन के निर्देश पर विवि में कोरोना टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सम्भाल रहे हैं।

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