ऐसे में फिर 'करंट मारेगा बिजली का बिल

बिजली कनेक्शन, सर्विस चार्ज में 70 फीसदी बढ़ोतरी का भेजा प्रस्ताव

 

 

 

 

By: shyam bihari

Published: 16 Sep 2021, 08:29 PM IST

भेजा गया प्रस्ताव
श्रेणी : वर्तमान शुल्क : प्रस्तावित वृद्धि शुल्क : प्रतिशत
घरेलू उपभोक्ता
सिंगल फेस 3 किलोवॉट : 600 : 1020 : 70
थ्री फेस 5 किलोवॉट : 1800 : 3000 : 67
थ्री फेस 10 किलोवॉट : 4800 : 8000 : 67

वाणिज्यिक उपभोक्ता
सिंगल फेस 3 किलोवॉट : 900 : 1500 : 67
थ्री फेस 5 किलोवॉट : 2700 : 4530 : 68
थ्री फेस 10 किलोवॉट : 7200 : 12080 : 68
थ्री फेस 25 किलोवॉट : 40,950 : 68,960 : 68
थ्री फेस 50 किलोवॉट : 1,34,700 : 2,26,500 : 68

कनेक्शन विच्छेदन और पुन:स्थापना
निम्न दाब : 200 : 340 : 70
उच्च दाब : 2000 : 3360 : 68

मीटर टेस्टिंग चार्ज
सिंगल फेस मीटर : 50 : 80 : 60
तीन फेस मीटर : 100 : 170 : 70

नाम परिवर्तन
निम्न दाब : 100 : 170 : 70
उच्च दाब : 2000 : 3360 : 68
(नोट : वर्तमान शुल्क और प्रस्तावित वृद्धि रुपए में)

जबलपुर। बिजली कम्पनियों ने मप्र के उपभोक्ताओं को एक बार फिर झटका देने की तैयारी कर ली है। यदि बिजली कम्पनियों द्वारा भेजे गए शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव को विद्युत नियामक आयोग से मंजूरी मिलती है तो उपभोक्ताओं को दोगुना से अधिक अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी। बिजली कम्पनियों ने विद्युत नियामक आयोग को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन लेने और मौजूदा भार में वृद्धि व विभिन्न सेवाओं नाम परिवर्तन, मीटर टेस्टिंग, पंजीयन शुल्क, विद्युत विच्छेदन आदि के शुल्क में 68 से 70 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित है।

विद्युत नियामक आयोग ने शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव पर उपभोक्ताओं से 30 सितम्बर तक आपत्ति मांगी है। आपत्तियों पर पांच अक्टूबर को सुनवाई होगी। बता दें कि इससे पहले भी बिजली कम्पनियों ने इतनी ही वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था। विद्युत नियामक आयोग में 6 जुलाई को आयोजित जनसुनवाई में बिजली उपभोक्ताओं, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित वृद्धि का विरोध किया था। इसके बाद शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव को टाल दिया गया था। सेवानिवृत्त एडिशनल चीफ इंजीनियर राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि बिजली कम्पनियों ने पिछले वर्षों में उपरोक्त मदों से प्राप्त आय के वास्तविक खर्च की जानकारी नहीं दी है। बिजली कंपनियों ने थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बढऩे का हवाला देते हुए दरों में वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है, जिसका विद्युत अधिनियम 2003 या अन्य किसी रेगुलेशन में सम्बद्ध करने का कोई प्रावधान नहीं है।
मंदी के दौर में निर्णय स्वीकार नहीं
महाकोशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मानसेवी मंत्री शंकर नाग्देव, संयुक्त सचिव अखिल मिश्रा ने कहा कि वाणिज्यिक व औद्योगिक वातावरण में मंदी के समय विद्युत प्रदाय शुल्क बढ़ाने का निर्णय स्वीकार नहीं है। पहले भी शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था। इस बार भी विरोध दर्ज कराएंगे। नागरिक उपभोक्ता मंच के प्रांताध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे ने कहा कि कोराना काल की मार से उपभोक्ता अभी तक उबरे नहीं हैं। शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव का सख्ती के साथ विरोध जरूरी है।

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shyam bihari Desk
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