सावधान... यहां रात 2 से 4 बजे के बीच आते हैं डकैत

एक जैसे अंदाज में हुईं डकैती की तीन वारदातें, दहशत में हैं लोग

By: deepankar roy

Published: 07 May 2018, 02:19 PM IST

जबलपुर। चोरी, लूट, अपहरण और मारपीट जैसी वारदातों के लिए अब आम हो चुके शहर में रविवार की रात डकैती की बड़ी वारदात ने लोगों का एक बार फिर दशहत में डाल दिया है। डकैती की यह तीसरी वारदात है, जिसमें डकैतों ने लगभग एक जैसी स्टाइल में वारदात को अंजाम दिया। शहर के बिल्कुल बीचों बीच पॉश इलाके में हुई डकैती की वारदात ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली को भी कटघरे में खड़ा किया है। प्रबद्धजनों का मानना है कि पुलिस ने पिछली वारदातों से कोई सबक नहीं लिया। अगर पुलिस ने वारदातों की तह तक पहुंचने में गंभीरता दिखाई होती तो एक बार फिर यह परिदृश्य सामने नहीं आता।

लगातार वारदात

21 अप्रैल, 2015 - केंट थानांतर्गत चौथा पुलिस निवासी एवं लिज्जत पापड़ महिला गृह उद्योग की प्रमुख पुष्पा बेरी के घर में डकैत घुसे। करीब 8 लाख नकद सहित जेवर लूटकर ले गए।

11 नवम्बर, 2016 - संजीवनी नगर निवासी अधिवक्ता हर्षवर्धन शुक्ला के घर डकैत घुसे। डकैतों ने घर में रखी लाखों रुपए की नकदी लूट ली। आलमारी और लॉकर तोड़कर घर में रखे जेवर लूट लिए।

14 मई, 2016 - नेपियर टाउन निवासी बार संचालक रामअवतार गुप्ता के घर में डकैती हुई। डकैतों ने घर में घुसकर लाखों रुपए की नकदी सहित 15 लाख से ज्यादा के जेवर लूट लिए।

17 नवम्बर, 2016 - स्नेह नगर निवासी मनोज के घर में डकैतों ने घुसने का प्रयास किया। लेकिन उनकी हलचल से घर और आसपास के लोग जाग गए। इससे डकैत बैरंग लौट गए।

07 मई, 2018 - नेपियर टाउन निवासी व्यावसायी केके अग्रवाल के घर में डकैत घुसे। डकैतों ने घर में रखे नकद रुपए सहित 50 तोला सोना-चांदी लूट लिया और भाग गए।

हर वारदात एक जैसी

- डकैतों ने टागरेट घर में घुसते ही परिवारवालों को ये आश्वस्त किया वे किसी की जान नहीं लेना चाहते। उनका मकसद सिर्फ रुपए लूटना है।

- सभी वारदात में डकैतों ने घर में घुसते ही उनके यहां रखें नकद रुपयों के बारे में जानकारी मांगी। डकैतों को इस बात की जानकारी थी कि घर में कितने पैसे रखे हैं।

- डकैतों ने सभी वारदातों में उन घरों को निशाना बनाया जो रेलवे ट्रैक से बेहद करीब हैं।

- तीन वारदातों में घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे थे। वे घटना के बाद सीसीटीवी से छेड़छाड़ कर साक्ष्य मिटा देते थे।

- डकैतों की फोटो सिर्फ उस जगह पर सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई जहां वे डकैती में असफल रहे।

- तीनों वारदात में डकैतों ने सिर्फ नकदी, सोना-चांदी और जेलर लूटे। इसके अलावा किसी सामान में हाथ नहीं लगाया।

- समस्त वारदात का समय भी एक जैसा है। डकैतों ने देर रात 2 से सुबह 4 बजे के बीच ही धावा बोला।

- डकैती की हर घटना में अपराधियों ने चेहरे कवर रखे। नकाब पहनकर 9-10 सदस्यों के गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया।

- डकैत घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को धारदार हथियार से डराते हैं। फिर नकदी और जेवर की लोकेशन लेकर सदस्यों को चादर-साड़ी से बांधकर एक कमरे में बंद कर देते हैं।

इसलिए उठ रहे सवाल

- शहर में रात 12 बजे से अल सुबह तक पुलिस गश्त पर रहती है। पॉश इलाकों में डायल-100 राउंड लेती है। उसी समय वारदात हुई है।

- पुलिस देर रात को जगह-जगह प्वाइंट बनाकर हर आने-जाने वाले लोगों के वाहन रोककर उनका नाम-पता दर्ज करती है। फिर भी अपराधी पकड़ में नहीं आ रहे हैं।

- डकैती से पीडि़त लोगों के बयान, उनके द्वारा बताएं गए हुलिया और भाषा के आधार पर पुलिस के संदेह की सुई पारधियों पर है। लेकिन अब तक किसी गैंग को नहीं पकड़ पाए।

- शहर के कुछ इलाकों में झुग्गियों और घनी बस्तियों के बीच संदिग्ध लोग महीनों रह रहे हैं। फिर अचानक गायब हो जाते हैं। इनसे पूछताछ नहीं होती। और तो और पुलिस सूचना के बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं करती।

- तीनों वारदात में डकैतों के पास इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि घर में कहीं से पैसे आए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि डकैत कई दिन तक शहर में रहकर रैकी करते हैं फिर पूरी तैयारी से वारदात को अंजाम देते हैं।

- सोमवार 07 मई को केके अग्रवाल के यहां वारदात के दौरान भी डकैतों ने जाने से पहले सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ की। लेकिन इसी दौरान उनके चेहरे रिकॉर्ड हो गए। चेहरों को देखने के बाद भी पुलिस अभी तक डकैतों के लेकर कोई जानकारी जुटा नहीं पायी है।

- पुलिस ने चौराहे-चौराहे के साथ ही संवदेनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जगह-जगह फिक्स प्वाइंट बनाए हैं। इन सभी इंतजाम को भेदकर अपराधी धड़ल्ले से वारदात कर रहे हैं।

मुखबिर तंत्र नाकाम

नेपियर टाउन डकैती मामले को सुलझाने में पुलिस का मुखबिर तंत्र भी नाकाम हो गया। डकैत हर वारदात में पुलिस पर भारी पड़ रहे है। घरों में घुसकर लूट के बाद पुलिस को चकमा देने में कामयाब है। पुलिस कई टीमें और जिले के साथ जोन के आला अफसर खुद इन वारदात पर बारिकी नजर गड़ाए हुए हैं। लेकिन रोज की समीक्षा और निर्देश के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। इससे पहले भी पुलिस की अलग-अलग टीमें पन्ना, गुना, पिपरिया व होशंगाबाद सहित प्रदेश के बाहर तक गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

लोगों में बढ़ गई दहशत

शहर में डकैती की चौथी वारदात के बाद लोग दहशत में हैं। सभी वारदात पॉश एरिया में होने से लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों में दहशत इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि वारदात शहर के बीचों-बीच एरिया में हो रही है। उसके बावजूद 10-10 लोगों का गिरोह आसानी से लूट-पाट करके फरार हो जाता है। लोगों ने संदेह व्यक्त किया है कि गोहलपुर, माढ़ोताल, मिल्क स्कीम रोड, तिलवारा रोड, पाटन बाइपास रोड, भोला नगर आदि में अस्थायी झुग्गियां बनाकर संदिग्ध रूप से रह रहे लोग इस तरह की आपराधी वारदातों को अंजाम दे रह हैं। पुलिस सूचना के बाद भी यहां कोई जांच व अन्य कार्रवाई नहीं कर रही है।

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deepankar roy Reporting
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