सर्प पूजन से होगी संतान प्राप्ति, पत्नी के साथ धन वैभव मिलने के योग आज: पंचांग

सर्प पूजन से होगी संतान प्राप्ति, पत्नी के साथ धन वैभव मिलने के योग आज: पंचांग

 

By: Lalit kostha

Published: 27 Feb 2020, 10:08 AM IST

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441 , मु.मास : रज्जब, 02, अयन : उत्तरायण, ऋतु : शिशिर ऋतुु, मास : फाल्गुन, पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि - सूर्योदय से अर्धरात्रि 06.44 मि. तक रिक्ता संज्ञक चतुर्थी तिथि रहेगी पश्चात पूर्णा संज्ञक पंचमी तिथि लगेगी। चतुर्थी तिथि में भगवान श्रीगणेशजी का पूजन करना चाहिए। इससे सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। पंचमी तिथि में नागों की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और संतान प्राप्त होते हैं और श्रेष्ठ लक्ष्मी भी प्राप्त होती है।
योग- सूर्योदय से प्रात: 10.26 मि. तक शुभ योग रहेगा पश्चात शुक्ल योग लगेगा। शुभ योग के श्रीलक्ष्मीजी को माना जाता है जबकि शुक्ल योग के स्वामी पार्वतीजी मानी गई हैं।
विशिष्ट योग- शुभ एवं शुक्ल दोनों ही योग बेहद शुभ माने जाते हैं। इनमे कोई भी कार्य करने पर अवश्यमेव सिद्ध होता है। जप, तप, अनुष्ठान की कार्य सिद्धि के लिए दोनों योग महत्वपूर्ण होते हंै।
करण- सूर्योदय से दोप. 05.28 मि. तक वणिज नामक करण रहेगा पश्चात विष्टि नामक करण लगेगा। इसके पश्चात बव नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से अर्धरात्रि 01.07 मि. तक मृदु मैत्र रेवती नक्षत्र रहेगा पश्चात क्षिप्र लघु अश्विनी नक्षत्र लगेगा। अक्षर ज्ञान, अध्ययन, अध्यापन, धार्मिक प्रवचन, स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय आदि के संचालन हेतु रेवती नक्षत्र शुभ रहते हैं। औषधि एवं रसायन के निर्माण, औषधि सेवन, सर्जरी और चिकित्सा संबंधी अन्य कार्यों के लिए अश्वनी नक्षत्र शुभ माने गए हैं।



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आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में नए नौकरों की नियुक्ति करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
श्रेष्ठ चौघडि़ए - प्रात: 06.51 मि. से 08.17 मि. तक शुभ का चौघडिय़ा रहेगा। प्रात: 11.10 मि. से दोप. 02.03 मि. तक क्रमश: चंचल व लाभ के चौघडिय़ा रहेंगे एवं दोप. 04.36 मि. से सायं: 06.22 मि. तक शुभ का चौघडिय़ा रहेगा।
व्रत/पर्व - वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत। आर्य समाज सप्ताह समाप्त।
चंद्रमा - सूर्योदय से अर्धरात्रि 01.07 मि. तक चंद्रमा जल तत्व की मीन राशि में रहेंगे पश्चात अग्नि तत्व की मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
भद्रा - दोप. 05.27 मि. से प्रारंभ भद्रा का निवास क्रमश: भूलोक एवं स्वर्ग में रहेगा।
पंचक - अर्धरात्रि 01.07 मि. पर समाप्त होंगे।
दिशाशूल- दक्षिण दिशा में। (अगर हो सके तो आज के दिन दक्षिण दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)।
राहु काल - दोप. 02.03.31 से 03.29.56 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (दो, चा, ची, चू) अक्षरों पर रख सकते हंै। आज जन्मे बच्चों का जन्म सोने के पाए में होगा। सूर्योदय से अर्धरात्रि 01.07 मि. तक मीन राशि रहेगी पश्चात मेष राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से सुदृढ़ होंगे। प्राय: इनका भाग्योदय करीब 31 वर्ष की आयु में होगा। इनमे भौतिकसुख की लालसा रहेगी। अस्थिर स्वभाव के होंगे। हमेशा स्वतंत्र व्यापार में गतिशील होंगे। मीन राशि में जन्मे जातक को कठोर भाषाशैली से बचना चाहिए। मेष राशि में जन्मे जातक को विकारयुक्त होने से बचना चाहिए।

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Lalit kostha Desk
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