शाही स्नान और कुम्भाभिषेक के साथ हुई पूर्णाहुति

मां नर्मदा गोकुम्भ का नौ दिवसीय यादगार और भव्य आयोजन सम्पन्न, अंतिम दिन भी उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब .

By: shivmangal singh

Published: 04 Mar 2020, 08:10 PM IST

जबलपुर. संतों के भव्य शाही स्नान और यज्ञ स्थल पर कुम्भाभिषेक के साथ मंगलवार को नर्मदा गो कुम्भ की पूर्णाहुति हुई। अंतिम दिन सूर्योदय से देर रात तक ग्वारीघाट में आस्था का सैलाब उमड़ते रहा। निशान, झंडे के साथ बैंड दलों की मधुर धुन के बाद 13 अखाड़ों के गुरु परम्पराओं के संन्यासियों ने गीताधाम से शाही यात्रा शुरू की। शंख बजाते, तलवार बाजी एवं अन्य करतब दिखाते हुए नागा संन्यासी सबसे आगे चल रहे थे। मार्ग और नर्मदा तट पर घंटों प्रतीक्षा के बाद हजारों लोगों को भक्ति और रोमांच के अद्भूत संगम के दृश्यों के दर्शन हुए।
यज्ञ स्थल पर सुबह 10 बजे शाही स्नान के लिए संतों की यात्रा शुरू हुई। अवधपुरी कॉलोनी से झंडा चौक होते हुए शाही यात्रा ग्वारीघाट में पहुंची। इस दिव्य दर्शन के लिए गीताधाम से रेत नाका और वहां से झंडा चौक होते हुए ग्वारीघाट तक आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। संतों ने गो वंश के बछिया को गोद उठाकर शाही यात्रा करते हुए गो संरक्षण का संदेश दिया। ग्वारीघाट में उमाघाट को संतों के स्नान के लिए आरक्षित किया गया था। घाट की धुलाई के बाद गैर संन्यासियों को उस क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। जब शाही स्नान शुरू हुआ तो पुलिस ने रस्सियों का सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को रोका। दर्शकों की संख्या अधिक थी, एसपी अमित सिंह ने स्वयं मोर्चा सम्भाला।
नागा साधुओं ने नहीं किया स्नान
दशनामी सम्प्रदाय के नागा साधुओं ने चिर कुंवारी नर्मदा में स्नान नहीं किया। स्वयं को भगवान भोलेनाथ का स्वरूप मानने वाले नागा साधुओं ने मार्ग और ग्वारीघाट में शारीरिक कौशल का प्रदर्शन किया। उसके बाद शिव पुत्री नर्मदा के तट पर शीष झुकाकर वापस हो गए।
संतों के शाही स्नान के बाद नर्मदा महायज्ञ, महारुद्र यज्ञ, गो पुष्टि महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई। यज्ञ संयोजक स्वामी नरसिंहदास एवं संतों ने नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी श्यामदेवाचार्य को मंत्रोच्चारित कुम्भ से स्नान कराकर कुम्भभिषेक कराया। पूर्णाहुति में मधुर धुनों के बीच श्रद्धालुओं ने मनमोहक नृत्य किया।
यज्ञशाला की परिक्रमा
अंतिम दिन संतों के दर्शन और प्रवचन सुनने के लिए लोगों का तांता लगा रहा है। महाराष्ट्र से आई किन्नर संत हिमांगी सखी से प्रसाद के रूप में सिक्के प्राप्त करने के लिए लम्बी कतारें लगीं। पांच मंजिला यज्ञ शाला की परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने पुण्र्याजन किया। विभिन्न संगठनों के लोगों ने सेवा कार्य किया।
रेवा के साथ ही
नर्मदा परिक्रमा एवं नर्मदा पर डाक्युमेंट्री फिल्म बनाने वाली युवती शिप्रा पाठक की पुस्तक 'रेवा के बाद भी रेवा के साथ ही का विमोचन किया गया। स्वामी श्यामदेवाचार्य, बाबा कल्याणदास, स्वामी गिरीशानंद सरस्वती, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी एवं वित्तमंत्री तरुण भनोत ने पुस्तक का विमोचन किया।

shivmangal singh
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned