indian railway की इस ट्रेन में चूहों ने बना लिए बिल, दहशत में सफर करते है यात्री

indian railway की इस ट्रेन में चूहों ने बना लिए बिल, दहशत में सफर करते है यात्री

deepankar roy | Publish: Nov, 14 2017 11:58:14 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

एसी कोच में यात्रियों के कपड़े और बैग कुतर रहे चूहे

जबलपुर। उत्तर भारत को मुंबई से जोडऩे वाली एक ट्रेन में चूहों की दहशत में यात्रियों का सफर करना मुश्किल हो रहा है। इस ट्रेन के डिब्बों में चूहों ने बिल बना लिए है। वे यात्रियों के साथ ही ट्रेन में सफर करते है। यात्रियों के पलक झपकते ही उनके बैग और कपड़े कुतर देते है। यात्रियों को ट्रेन में खाना लेकर चलना भी दूभर हो गया है। जैसे ही यात्री भोजन के लिए खाना निकालते है चूहों की फौज पहले ही उस पर टूट पड़ती है। चूहों की इस हरकत से यात्री इस कदर परेशान है कि रात का सफर भी वे जाग कर रह रहे है। चोरों से नहीं बल्कि चूहों से अपने सामान की सुरक्षा के लिए यात्रियों को चौकन्ना रहना पड़ रहा है।
एक्सप्रेस ट्रेन का मामला
गोरखपुर से एलटीटी जा रहे यात्रियों के अनुसार वे गोदान एक्सप्रेस पर सवार थे। जैसे ही शाम हुई और हल्का अंधेरा छाने लगा तो कोच में चूहे निकलने लगे। इस दौरान कई यात्री भोजन कर रहे थे। इसी दौरान चूहे भी यात्रियों के खाने तक पहुंच गए। चूहों को देखकर कुछ यात्रियों की चीख निकल गई। इसके बाद ट्रेन के मानिकपुर पहुंचने पर जब कुछ लोगों ने बर्थ के नीचे रखे अपने खाने के पैकेट्स निकले तो नजारा हैरान करने वाला था। उन्होंने देखा कि चूहे पहले ही उनके खाने के पैकेट्स को कुतर चुके है।
कपड़े और बैग भी नहीं छोड़े
कोच में अचानक चूहों को देखकर कुछ यात्री डर गए। महिलाएं और बच्चे बर्थ पर पांव ऊपर करके बैठ गए। उनके सामने ही चूहों ने खाने के कई पार्सल को खराब कर दिया। इसके बाद चूहे चले गए लेकिन यात्री दहशत में पैर ऊपर करके ही बैठे रहे। कुछ देर बाद जब यात्रियों ने बर्थ के नीचे रखे सामान चैक किया तो चूहों ने उन्हें भी नुकसान पहुंचाया था। चूहों ने कई यात्रियों के बैग कुतर दिए। उसमें रखे कपड़े खराब कर दिए।
एसी कोच में आतंक
गोरखपुर से एलटीटी के बीच संचालित होने वाली गोदान एक्सप्रेस में वातानुकूलित श्रेणी के 5 कोच लगाए जाते है। इसमें एसी-2 का 1 और एसी-3 के 4 कोच है। यात्रियों के अनुसार इस ट्रेन में कुछ चूहों ने स्थायी डेरा बना लिया है। ट्रेन के फर्राटा भरने के साथ ही कोच में चूहों की हलचल बढऩे लगती है। चूहों के साथ ही कोच में काकरोच की भी भरमार है। इसके कारण एसी कोच में सफर करना मुश्किल हो गया है। इसे लेकर यात्रियों ने बीच के स्टेशनों पर शिकायत की लेकिन अधिकारी लगातार अनसुनी कर रहे है।
बी-1 कोच के यात्री ने की शिकायत
गोदान एक्सप्रेस के बी वन कोच में 31 से 36 नंबर बर्थ पर जबलपुर निवासी एक परिवार सफर कर रहा था। ये यात्री मोहम्मदाबाद से ट्रेन में सवार हुए थे। इन्होंने बर्थ के नीचे अपना सामान रखा हुआ था। इसी तरह ए-वन कोच में मऊ से एलटीटी का सफर कर रहे यात्री के बैग 13 और 15 नंबर सीट के नीचे रखा हुआ था। इन्होंने चूहों के उत्पात के कारण उनके सामान को नुकसान होने की शिकायत की है। यात्रियों ने एसी कोच में ऐसे हालात का हवाला देते हुए ट्रेन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए है।
अनदेखी के कारण गड़बड़ी
यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में साफ-सफाई व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है। सफाई के दौरान सही मात्रा में कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। ऐसा होने पर ट्रेनों में चूहे और काकरोच की इतनी मात्रा नहीं होती। चूहों के आतंक से यात्रियों को अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

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