#Teachers day : अब अतिथि विद्वानों को सप्ताह में 40 घंटे देनी होंगी सेवाएं, नई गाइडलाइन तैयार

कॉलेजों में नियुक्ति के पूर्व सख्त किए नियम

By: reetesh pyasi

Published: 04 Sep 2020, 08:42 PM IST

जबलपुर। शासकीय कॉलेजों में अतिथि विद्वानों के कामकाज को लेकर नई गाइडलाइन तैयार की गई है। पढ़़ाने के घंटों से लेकर कार्यों को लेकर विभाग ने स्थिति को स्पष्ट कर दिया गया है। इसकी निगरानी भी सम्बंधित संस्था प्रमुख को करनी होगी। यदि इसमें अतिथि विद्वान अथवा संस्था प्रमुख की लापरवाही सामने आती है, तो दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने कालेजों में अतिथि विद्वानों की नियुक्ति के पूर्व कड़े नियम तैयार किए गए हैं। अब अतिथि विद्वान को प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तथा सप्ताह में न्यूनतम 40 घंटे कॉलेज में उपस्थिति देना अनिवार्य होगा।

यह रहेगा शेड्यूल
अतिथि विद्वानों की ओर से प्रति सप्ताह न्यूनतम 16 घंटे का प्रत्यक्ष शिक्षण कार्य करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त ट्यूटोरियल, रिमेडियल, एक्स्ट्रा क्लासेस आदि में भी शिक्षण कार्य करना होगा। अतिथि विद्वानों का मानदेय शासन की नीति के अनुसार ही देय होगा। उनकी नियुक्ति का आमंत्रण वर्तमान शैक्षिक सत्र 2020-21 अर्थात 30 जून 2021 तक एक साल के लिए मान्य होगी। अगले वर्ष के लिए फिर से प्रक्रिया करनी होगी। नियुक्ति को लेकर दावा नहीं किया जा सकेगा। अतिथि विद्वानों की नियुक्ति किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के सचिव जनभागीदारी समिति की ओर से समाप्त भी की जा सकेगी।

आपराधिक प्रकरण का देना होगा शपथ पत्र
नियुक्ति के दौरान अतिथि विद्वानों को शपथ पत्र भी देना होगा कि उसके खिलाफ पुलिस थाने में कोई आपराधिक प्रकरण तो नहीं है? यह भी बताना होगा कि वह किसी सरकारी, अद्र्धसरकारी अथवा अशासकीय संस्थान में कार्यरत तो नहीं है। इसके वेरिफिकेशन की जवाबादारी भी सम्बंधित महाविद्यालय की होगी।

शासकीय कॉलेजों में अतिथि विद्वानों की नियुक्ति के दौरान पढ़ाई और कामकाज को लेकर गाइडलाइन तय कर दी गई है। इसमें कई प्रावधान किए गए हैं। इसका पालन कराना हर कॉलेज की जिम्मेदारी होगी।
डॉ. लीला भलावी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा

reetesh pyasi Desk
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