
Ministry of Defence : देश में नई सरकार के गठन से पहले ही रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं के थिएटराइजेशन की प्रक्रिया तेज कर दी है। जल, थल, नभ से दुश्मन को घेरने के लिए तीनों सेनाओं के एकीकरण की कोशिशों को और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ सैन्य अधिकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान की अगुवाई में शुक्रवार को नई दिल्ली में दो दिन चली परिवर्तन चिंतन बैठक में सुधारात्मक विचारों व गतिविधियों के विस्तार पर गहन मंथन गया। इसमें चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी की सभी उप-समितियों के सदस्य, स्थायी अध्यक्ष और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए थिएटराइजेशन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों पर विभिन्न प्रस्तुतिकरण दिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही कहा था सेना की एकीकृत कमान की प्रक्रिया प्रगति पर है। इस मुद्दे पर तीनों सेनाओं में आम सहमति बन रही है।
अभी तीनों सेनाओं की कुल 17 कमांड हैं। योजना के तहत 2001 में बनी पहली त्रिसेवा अंडमान-निकोबार-कमान और 2003 में बनी स्ट्रेटैजिक फोर्सेज कमान सहित छह थिएटर कमांड स्थापित की जानी है। इनमें मुख्य रूप से चीन के लिए उत्तरी कमान और पाकिस्तान से निपटने के लिए पश्चिमी कमान तथा वायु रक्षा व मरीन कमान का प्रस्ताव है, ताकि थलसेना, वायुसेना और नौसेना की लगभग 15 लाख नफरी व संसाधनों को एक ही कमान के अधीन लाया जा सके।
अभी अमरीका में सर्वाधिक 11 थिएटर कमान हैं। इनमें से 6 कमान पूरी दुनिया को कवर करती हैं। चीन में पांच थिएटर कमान हैं। इनमें से पश्चिम कमांड के जरिए चीन भारत की सीमाओं पर नजर रखता है।
इस बीच संसद के मानसून सत्र में पारित अंतर-सेवा संगठन (कमान, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक 2023 शुक्रवार को केंद्र सरकार ने अधिसूचित कर दिया। इससे तीनों सेनाओं के कमांडर अब अपने अधिनस्थ किसी भी सैन्य कर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकेंगे।
Updated on:
11 May 2024 09:26 am
Published on:
11 May 2024 09:26 am
