राजस्थान पत्रिका सटीकता और विश्वसनीयता को अपनी पत्रकारिता का आधार मानती है। हमारी विश्वसनीयता पाठकों के भरोसे पर टिकी है। इसलिए गलतियां, चाहे छोटी हों या बड़ी, सामने आने पर तुरंत सुधारना हमारी नीति है। हर रिपोर्टर, संपादक और स्टाफ सदस्य की जिम्मेदारी है कि तथ्यों की जांच सावधानी से की जाए। प्रकाशन से पहले विस्तृत फैक्ट चेकिंग को प्रोत्साहन दिया जाता है।
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ऑनलाइन प्रकाशित खबर में तुरंत सुधार किया जाएगा और खबर के नीचे स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा कि किस तारीख को क्या सुधार हुआ। बार-बार होने वाली गलतियों या गंभीर चूक की स्थिति में संबंधित डेस्क के साथ समीक्षा बैठक होगी ताकि आगे ऐसी गलती न हो।
राजस्थान पत्रिका पत्रकारिता में तकनीक का इस्तेमाल करती रही है, और आज इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स भी शामिल हैं। लेकिन कोई भी एआई टूल हमारे पत्रकारों के अनुभव और विवेक का विकल्प नहीं हो सकता। एआई का कोई भी इस्तेमाल इंसानी निगरानी के साथ होगा और स्थापित पत्रकारिता मानकों का पूरी तरह पालन करेगा।
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सोशल मीडिया पर भी पत्रकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे संस्थान की निष्पक्षता की छवि को बनाए रखें और व्यक्तिगत राय को पेशेवर रिपोर्टिंग से अलग रखें। गलत सूचना या अफवाह फैलाने से बचने के लिए, किसी भी बड़ी या संवेदनशील खबर को प्रकाशित करने से पहले कम से कम दो स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि जरूरी होगी। यदि कोई त्रुटि प्रकाशित हो जाती है, तो उसे स्पष्ट रूप से चिह्नित करते हुए तुरंत सुधार प्रकाशित किया जाएगा, न कि उसे बिना बताए हटा दिया जाएगा। पाठकों की शिकायतों और प्रतिक्रियाओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उनका उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
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