विनायकी चतुर्थी पर भगवान गणेश को करें प्रसन्न, पूरी होगी हर मनोकामना: पंचांग

विनायकी चतुर्थी पर भगवान गणेश को करें प्रसन्न, पूरी होगी हर मनोकामना: पंचांग

 

By: Lalit kostha

Published: 28 Jan 2020, 10:28 AM IST

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441 , मु.मास : जमादि उल , उस्सानी 02, अयन : उत्तरायण, ऋतु : शिशिर ऋतुु , मास : माघ, पक्ष : शुक्ल पक्ष,
तिथि - सूर्योदय से प्रात: 08.21 मि. तक जया संज्ञक तृतीया तिथि रहेगी पश्चात रिक्ता संज्ञक चतुर्थी तिथि लगेगी। तृतीया तिथि में धन के स्वामी कुबेर का पूजन करने से मनुष्य निश्चित ही विपुल धनवान बन जाता है तथा क्रय-विक्रयादि व्यापारिक व्यवहार में उसे अत्यधिक लाभ होता है। चतुर्थी तिथि में भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए। इससे सभी विघ्नों का नाश हो जाता है।
योग- सूर्योदय से अर्धरात्रि 03.32 मि. तक परिघ योग रहेगा पश्चात शिव योग लगेगा। परिघ योग के स्वामी स्वयं विश्वकर्मा माने जाते हैं जबकि शिव योग के स्वामी मित्रदेव माने गए हैं।
विशिष्ट योग- परिघ योग अशुभ है। अतिआवश्यक होने पर इस योग के पूर्वाद्ध का त्याग करना उचित रहता है। शिव योग को शुभ माना जाता है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत शिवयोग में कर सकते हैं।
करण- सूर्योदय से प्रात: 08.21 मि. तक गर नामक करण रहेगा पश्चात वणिज नामक करण लगेगा। इसके पश्चात विष्टि नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से प्रात: 09.22 मि. तक चर चल शतभिषा नक्षत्र रहेगा पश्चात उग्र क्रूर पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र लगेगा। मशीनरी लगाने, रोजगार, व्यवसाय, वाणिज्य, व्यावसायिक विज्ञापनों के लिए शतभिषा नक्षत्र अच्छे माने गए हैं। मकान, दुकान, मंदिर, छत, कुआं, सडक़ और जल संबंधी कार्य शतभिषा एवं पूर्वा भाद्रपद दोनों नक्षत्र में करना शुभ रहता हैं।

 

Vinayak Chaturthi ganesh puja vidhi shubh muhurat with panchang

आज के मुहूर्त - नुकूल समय में समस्त कृषि कर्म करने के लिएशुभ मुहूर्त है।
चौघडिय़ा के अनुसार समय - प्रात: 09.53 मि. से दोप. 01.59 मि. तक क्रमश: ंअचल लाभ व अमृत के चौघडिय़ा रहेंगे।

व्रत/पर्व - गौरी तृतीया व्रत। वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत। श्रीविनायक वरद-तिल-कुन्द चतुर्थी। तिल चतुर्थी। कुन्द चतुर्थी। वरद चतुर्थी। विनायक चतुर्थी। तृतीया तिथि की वृद्धि। लाला लाजपतराय जयंती।
चंद्रमा - सूर्योदय से अर्धरात्रि 05.29 मि. तक चंद्रमा वायु तत्व की कुंभ राशि में रहेंगे पश्चात जल तत्व की मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
भद्रा - रात्रि 09.33 मि. से प्रारंभ भद्रा का निवास भूलोक में रहेगा।
पंचक - पंचक जारी रहेंगे। दिशाशूल- उत्तर दिशा में। (आज के दिन उत्तर दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)।
राहु काल - दोप. 03.21.10 से 04.43.12 तक राहु काल वेला रहेगी। इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।

आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (सू, से, सो, द, दी) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्मे बच्चों का जन्म तांबे के पाए में होगा। सूर्योदय से अर्धरात्रि 05.29 मि. तक कुम्भ राशि रहेगी पश्चात मीन राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से कृषकाय होंगे। सामान्यत: इनका भाग्योदय करीब 33 वर्ष की आयु में होगा। प्राय: आर्थिक लेन देन के व्यवसाय में माहिर होंगे। ऐसे जातक किसी बड़े उद्योग का संचालन करेंगे। नीतिमान व धर्माभिमानी भी होंगे। कुम्भ राशि में जन्म जातक को परोपकार नहीं छोडऩा चाहिए। मीन राशि में जन्मे जातक को शुभ आचरण नहीं छोडऩा चाहिए।

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Lalit kostha Desk
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