मानसून के लिए करना होगा इंतजार, अभी और बढ़ेगी गर्मी

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Abhishek Dixit | Updated: 04 Jun 2019, 09:00:00 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

तीन दिन से 45 डिग्री से अधिक है तापमान, 24 जून को हो सकती है मानसून की दस्तक

जबलपुर . गर्मी के तल्ख तेवर से लोग बेहाल हैं। 25 मई की रात से दो जून तक नौतपा में धरती खूब तपी। इस सीजन एक दिन तापमान 120 वर्षों में सर्वाधिक दर्ज किया गया। नौतपा में इस बार बारिश नहीं हुई। नौतपा बीत जाने के बाद भी गर्मी से शहर उबल रहा है। तीन दिन से अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की दस्तक तक गर्मी ऐसे ही कहर बरपाने वाली है। ऐसे सीजन में लोगों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस बार मानसून 6 दिन देर से आने वाला है। जबलपुर में 24 जून के आसपास मानसून की दस्तक हो सकती है। इस बार मप्र का मानसून सामान्य की अपेक्षा 94 से 110 प्रतिशत हो सकता है। मौसम शुष्क हो गया है। तेज धूप के साथ पश्चिमी हवा चल रही है। इस कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।

तीन दिन से पारा 45 के पार
एक जून से शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 45 डिग्री या सामान्य से साढ़े 4 डिग्री अधिक होने पर लू रेकॉर्ड किया जाता है। रात में कूलर, पंखे चलने के बावजूद भी गर्मी से नींद नहीं आ रही है। मंगलवार को दोपहर में भीषण गर्मी के कारण सड़कों सन्नाटे जैसी स्थिति रही।

तेज धूप में 5 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिमी हवा चली। मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री अधिक 45.4 एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। सुबह की आद्र्रता 45 और शाम की आद्र्रता 24 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सहायक देवेंद्र तिवारी के अनुसार फिलहाल पारा स्थिर रहने का पूर्वानुमान है। कुछ क्षेत्रों में गरज चमक और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।

विशेषज्ञों की राय
जबलपुर शहर में पहले जब भी तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंचता था तो वाष्पोत्सर्जन से बादल छा जाते थे। लेकिन जलस्रोत सिमटने और हजारों पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण लोकल सिमट से बादल नहीं बन पा रहे हैं। सूरज की उष्मा पहाड़ी के पत्थरों में समाहित हो जाती है। रात में पत्थरों से ठंडा होने से पहले ही दिन की धूप हो रही है। जिस तरह तेज गर्मी पड़ रही है। उसी तरह मानसून में भी जलवायु का असंतुलन हो सकता है।
प्रो. एचबी पालन, पर्यावरणविद्

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