वरिष्ठता के आधार पर क्यों नहीं दी पदोन्नति

हाइकोर्ट का माशिमं को नोटिस

 

By: prashant gadgil

Updated: 04 Aug 2020, 08:04 PM IST

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से पूछा कि वरिष्ठता को पदोन्नति का आधार क्यों नहीं बनाया गया? जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की सिंगल बेंच ने माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। चार सप्ताह का समय दिया गया। जबलपुर निवासी इब्राहिम नंद की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि वह वरिष्ठ था, इसके बाद भी उसे दरकिनार कर उमेश ठाकुर को पदोन्नत कर दिया गया। तर्क दिया गया कि गलती हुई है, तो उमेश ठाकुर की पदोन्नति निरस्त होनी चाहिए और याचिकाकर्ता को पदोन्नति का अधिकार मिलना चाहिए। इसीलिए याचिका दायर की गई। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की सिंगल बेंच ने माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। चार सप्ताह का समय दिया गया है। मामले में याचिकाकर्ता की वरिष्ठता को नहीं माना गया। बाद में कई आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। इस कारण हाईकोर्ट की शरण ली गई।

prashant gadgil Desk
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