साल के अंत तक बस्तर के आ जाएगें अच्छे दिन, पढ़े क्या है ये खुशखबरी

साल के अंत तक बस्तर के आ जाएगें अच्छे दिन, पढ़े क्या है ये खुशखबरी

Badal Dewangan | Publish: Mar, 20 2018 09:29:29 AM (IST) Jagdalpur, Chhattisgarh, India

3 एमटीपीए क्षमता वाले संयंत्र परियोजना को सितंबर 2018 में चालू करने प्रयास शुरू, इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगा एनएमडीसी का नगरनार प्लांट

जगदलपुर . नगरनार में एनएमडीसी के 15 हजार 525 करोड़ रुपए की लागत से 3 एमटीपीए क्षमता वाले इस्पात संयंत्र परियोजना को सितंबर 2018 में चालू किया जाना है। स्टील प्लांट की कुल बिजली आवश्यकता 296 मेगावाट की है, एनएमडीसी ने सीएसपीटीसीएल के ग्रीड से 241 मेगावाट बिजली लेने का प्रस्ताव किया है, तथा शेष जरुरतों को इन हाउस उत्पाद द्वारा पूरा किया जाएगा। यह बात एनएमडीसी के तकनीकी निदेशक डॉ. एनके नंदा ने सोमवार नगरनार में कही।

डॉ. नंदा ने बताया कि इस्पात संयंत्र में बिजली आपूर्ति और जरुरत के हिसाब से स्टील प्लांट की विभिन्न इकाइयों को वितरित करते हुए इस साल के अंत में इस्पात संयंत्र को चालू करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। साथ ही नगरनार स्टील प्लांट की टीम अपने सलाहकारों, विक्रेताओं व ठेकेदारों के साथ समन्वय और तालमेल के साथ काम करते हुए तेजी से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रही है। गौरतलब है कि एनएमडीसी के सीएमडी बैजेंद्र कुमार ने पिछले साल नवंबर में इस्पात संयंत्र के दौरे के समय सितंबर 2018 तक परियोजना को पूरा करने की बात कही थी।

कोयला मार्ग को चालू करने किया स्वीच आन
नगरनार इस्पात संयंत्र में कोक ओवन बैटरी की कमीशनिंग करने के लिए कोयला हैंडलिंग सिस्टम संयंत्र एवं स्टेमर रिक्लेमर के लिए उच्च तनाव, बिजली आपूर्ति आरएमएचएस पैकेज के कोयला मार्ग को चालू करने का स्विच ऑन किया। इस मौके पर डॉ. नंदा, प्रशंात दास, कार्यकारी निदेशक और नगरनार आयरन ओर परियोजना के प्रभारी स्टील प्लांट (एनआईएसपी) और मेकॉन के वरिष्ठ अधिकारी, कंसल्टेंसी पार्टनर, श्रमिक प्रतिनिधि और बीएचईएल के औद्योगिक सिस्टम समूह, बैंगलुरू के अधिकारी जो परियोजना के कमीशनिंग पार्टनर हैं मौजूद रहे।

सालाना 25 लाख टन कोयला की जरुरत
इस पृष्ठभूमि के तहत कोयला हैंडलिंग सिस्टम की चार्जिंग को महत्व मिलता है क्योंकि 3 एमटीपीए क्षमता नगरनार स्टील प्लांट को अपने दो कोक ओवन को चलाने के लिए सालाना लगभग 25 लाख टन कोकिंग कोल की आवश्यकता
होगी। कोकिंग कोल को कोल में परिवर्तित कर ब्लास्ट फर्नेस में भेजा जाता है जहां उसकी गर्मी से लौह अयस्क को पिघलाया जाएगा। एनएमडीसी ने पहले ही कोकिंग कोल के पहले खेप की खरीद के लिए आदेश दिए हैं।

359 करोड़ से 11 उप स्टेशन तैयार
बीएसईएल- इंडस्ट्रियल सिस्टम ग्रुप, बैंगलुरू ने एनआईएसपी के पीपीडीएस पैकेज के लिए 11 उप स्टेशनों को तैयार किया है। जिसकी कुल लागत रुपए 359 करोड़ है। पावर सब स्टेशन बाद में संकुल कच्चे माल हैंडलिंग प्लांट, कोक, कोक ओवन, ब्लास्ट फर्नेंस, स्टील पिघलने की शॉप, हॉट स्ट्रिप मिल, लाइम एंड डोलोमाइट कैकेनेशन प्लांट और रेलवे यार्ड को विद्युत की आपूर्ति उनके चालू होने पर प्रदान करेगा।

बिजली वितरित किया जाएगा
एनएमडीसी ने इस महीने की शुरूआत में 220 केवी जीआईएस (गैस इंसुलेट स्विच) मेन रिसीविंग सब स्टेशन शुरू किया था और फिर जल्द ही सिंटर प्लांट तक विद्युत पहुंचाया गया था। इसके बाद अनुसूची के अनुसार विद्युत को 33 केवी से नीचे ले जाया जाएगा और 11 उप स्टेशनों को भेजा जाएगा, जिसे ओवर हेड गैलरी सिस्टम के माध्यम से प्लांट पावर डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (पीपीडीएस) द्वारा इस्पात संयंत्र की विभिन्न इकाइयों को बिजली वितरित किया जाएगा।

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