सीएमओ दफ्तर में नहीं होता सुरक्षा मानकों का पालन, स्टाफ के लिए न तो मास्क उपलब्ध है, और न सेनेटाइजर

मुख्यालय समेत जिले के अन्य नगरीय निकायों में नालियों की साफ-सफाई, फागिंग व दवा छिड़काव की शुरूआत नहीं हुई है

By: Badal Dewangan

Published: 29 Mar 2020, 03:42 PM IST

दंतेवाड़ा. कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच लॉक डाउन चल रहा है, लेकिन जिले में स्वास्थ्य विभाग की अपने कर्मचारियों की सुरक्षा व सेहत को लेकर गंभीर नहीं है। सबसे बड़ी लापरवाही सीएमओ हेल्थ के दफ्तर में दिखती है, जहां सीएमओ हेल्थ के चेंबर में एक ही समय में हमेशा जरूर से ज्यादा लोग मौजूद रहते है। इनमें से अधिकांश कर्मचारी ऐसे होते हैं, जो फील्ड से कोरोना संदिग्धों की सर्वे और जांच के बाद रिपोर्टिंग करने यहां पहुचते हैं। इससे दफ्तर में मौजूद स्टाफ भी अनजाने भय से आशंकित रहते हैं। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं हो रहा है। इस दफ्तर में न तो सेनिटाइजर या हैंड वॉश की व्यवस्था है, और न ही सभी अफसर-कर्मियों को मास्क दिए गए हैं।

हर संदिग्ध को सीधे जिला हास्पिटल लाना पड़ता है
दफ्तर के काम-काज की प्रकृति को देखते हुए यहां पर थर्मल स्कैनर डिवाइस का इस्तेमाल हर आगंतुक की जांच के लिए होना चाहिए, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विभाग के पास अब तक थर्मल स्केनर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं है, जिससे जिले के किसी भी हिस्से से मिलने वाले हर संदिग्ध को सीधे जिला हास्पिटल लाना पड़ता है।

फागिंग या छिड़काव की व्यवस्था नहीं
जिला मुख्यालय समेत जिले के अन्य नगरीय निकायों में में नालियों की साफ-सफाई, फागिंग व दवा छिड़काव की शुरूआत नहीं हुई है, जबकि कोरोना संक्रमण की आशंका के मद्देनजर नियमित रूप से सफाई व छिड़काव की जरूरत है।

जिला हास्पिटल के वेंटीलेटर चालू हालत में नहीं
जिला हास्पिटल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए खरीदे गए 3 वेंटीलेटर में कोई भी चालू हालत में नहीं है, लेकिन हास्पिटल के अफसर इसे चालू होना बता रहा हैं। वेंटीलेटर कोरोना संदिग्धों के लिए बनाए गए आईसोलेशन वार्ड में रखे जाने की बात कही जा रही है, जिसकी तस्दीक के लिए जाने में मीडिया के लोग भी कतरा रहे हैं, इससे वेंटीलेटर की सही स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है।

उच्च क्वालिटी के मास्क की जरूरत होती है
हास्पिटल स्टाफ के लिए पर्याप्त मास्क, ग्लब्स और दूसरे सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं हैं। प्रसव के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान्य ग्लब्स का ही इस्तेमाल डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कर रहे हैं, जबकि कोरोना संक्रमण के खतरे से निपटने के लिए डबल लेयर मास्क व उच्च क्वालिटी के मास्क की जरूरत होती है। हास्पिटल के गेट पर अब तक कोरोना संदिग्धों की थर्मल स्केनिंग का इंतजाम नहीं हुआ है।

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