Jagdalpur child trafficking मामले में जानिए क्या कहती है बस्तर पुलिस व यहां के जनप्रतिनिधि

SIT को लीड कर रहे भानपुरी एसडीओपी बोले- अब तो अंजाम तक पहुंचकर ही दम लेंगे

By: Badal Dewangan

Published: 19 Mar 2020, 12:54 PM IST

जगदलपुर. एसपी दीपक झा ने इस मामले का खुलासा पत्रिका में होने के बाद इसकी गहराई से जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की। इसे भानपुरी के एसडीओपी उदयन बेहार लीड कर रहे हैं। उन्हें इसका प्रभारी बनाते हुए एसपी ने इस पूरे रैकेट को पकडऩे का जिम्मा सौंपा है। एसआईटी प्रभारी उदयन बेहार कहते हैं कि वे इस मामले की तह तक जाएंगे और अंजाम तक पहुंचने पर ही दम लेंगे।

अटल आवास से बरामद हुए बच्चे
एसडीओपी बेहार ने बताया कि बच्चों की बरामदगी करने एसआईटी बुधवार को अटल आवास गई थी। रुखसार के घर पर दो बच्चे बरामद हुए। यह दोनों बच्ची रुखसार की ही हैं, इस बात की तस्दीक करने अस्पताल पहुंचकर रजिस्टर में एंट्री देखी। जन्म प्रमाण पत्र में डेट ऑफ बर्थ और अस्पताल का नाम मिलने के बाद दोनों ही बच्चे रूखसार के होने की पुष्टि हुई। जिनके एक रिश्तेदार के घर पहुंचने पर भी उनकी ही बच्ची होने की बात सामने आई। उन्होंने कहा कि यह बच्ची रूखसार की है। इसके बाद पुलिस ने सारे रिकॉर्ड खंगालकर पुष्टि की।

आरोपियों से डेढ़ साल पहले बच्ची लेने वाला दंपति पहुंचा थाने
पत्रिका में इस रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद आरोपियों की पहचान होने पर शहर का एक दंपति कोतवाली थाने पहुंचा और बताया कि उन्होंने इसी गिरोह के माध्यम से डेढ़ साल पहले एक बच्ची ८० हजार रुपए में खरीदी थी। दोनों निसंतान थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी उन तक पहुंचे। उन्हें १० वर्षों से बच्चा नहीं था। आरोपियों ने उन्हें बताया था कि राजस्थान की एक अविवाहिता युवती की बच्ची है, जो इस बच्ची को नहीं रखना चाहती थी। इस खुलासे से भी पुलिस की जांच को एक नया एंगल मिल गया है। एसआईटी चीफ ने कहा कि अब हम इस रैकेट के अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े होने की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस ने बयान दर्ज कर फिलहाल दंपति को छोड़ दिया है।

जनप्रतिनिधियों में भी आक्रोश कहा-तह तक जाए पुलिस
नवजात के खरीद फरोख्त मामले के खुलासे के बाद बस्तर के जनप्रतिनिधि भी सकते में हैं। वे इस मामले में अपना आक्रोश जाहिर करते हुए इसकी तह तक जांच करने की बात कह रहे हैं। सभी ने पत्रिका के खुलासे को सराहते हुए कहा कि यह अपने आप में पहला मामला है। उन्होंने मामले की खुद मॉनिटरिंग करने की बात कहते हुए अधिकारियों से भी जानकारी लेने और बात करने की बात कही है। जगदलपुर और चित्रकोट के विधायक ने तो यह तक कह दिया है कि वे स्वयं इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस से वे हर मूवमेंट की रिपोर्ट ले रहे हैं। रही बात उच्च स्तरीय जांच की तो इसे लेकर भी पहल करने की बात भी उन्होंने कही है।

उच्च स्तरीय जांच हो
नवजात बच्चे की खरीदी-बिक्री का गोरखधंधा एक रैकेट के माध्यम से कर रहे दोषी आरोपियों तक पहुंचने के लिए सरकार को उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए। उन्होंने शासकीय अस्पतालों व कई निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम द्वारा वर्षों से कानून को ताक पर रखकर लोगों से मोटी रकम लेकर प्रतिबंधित सोनोग्राफी के माध्यम से ***** परीक्षण करवाया जा रहा है। साथ ही गर्भपात जैसे घृणित कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है।
रामाश्रय सिंह, जिला महामंत्री

नर्सिंग होम की जांच हो
बस्तर में नवजात के खरीद फरोख्त का कृत्य निंदनीय है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को चाहिए कि उच्च स्तरीय जांच करवाए। इसमें नर्सिंग होम, निजी अस्पताल और पीएससी और सीएससी में पिछले एक साल में नवजात को जन्म देने की डायरी भी खंगाली जानी चाहिए। वहीं मामले में जो लोग भी दोषी पाए जा रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे की कोई दूसरा ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।
राजेंद्र बाजपेई, नगर अध्यक्ष, बीजेपी

पुनरावृत्ति न हो
पत्रिका के खुलासे से हैरान हूं। बस्तर में इस तरह से बच्चों की खरीद फरोख्त का मामला बेहद गंभीर है। विधायक होने के नाते मैं इस पर लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं। उन्हें इस मामले की तह तक जाने के भी निर्देश दे दिए गए हैं। जांच में खलल न पड़े इसलिए मॉनिटरिंग कर रहा हूं। बाद में अधिकारियों संग बैठक कर इस पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी ताकि ऐसे मामले की पुनरावृत्ति ना हो।
रेखचंद जैन, विधायक जगदलपुर

बस्तर से यह शर्मनाक तस्वीर अगली बार सामने न आ सके
मामले को लेकर पुलिस भी लगातार काम कर रही है। पुलिस को चाहिए कि इस मामले में दोषियों तक वे पहुंचे और इस पूरे नेक्सेस का भांडाफोड़ करे। जिससे की बस्तर से यह शर्मनाक तस्वीर अगली बार सामने न आ सके। इसके लिए अधिकारियों से भी बात करूंगा। बस्तर में कभी भी इस तरह की बात सामने नहीं आई है। ऐसा महानगरों में ही होता रहा है। यह हमारे लिए चिंता का विषय है। इस पर हम सब साथ मिलकर चर्चा करें।
राजमन वेंजाम, विधायक चित्रकोट

दूसरा ऐसा करने की हिम्मत न कर सके
बस्तर में नवजात के खरीद फरोख्त का कृत्य निंदनीय है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को चाहिए कि उच्च स्तरीय जांच करवाए। इसमें नर्सिंग होम, निजी अस्पताल और पीएससी और सीएससी में पिछले एक साल में नवजात को जन्म देने की डायरी भी खंगाली जानी चाहिए। वहीं मामले में जो लोग भी दोषी पाए जा रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे की कोई दूसरा ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।
राजेंद्र बाजपेई, नगर अध्यक्ष, बीजेपी

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