किसानों से फर्जीवाड़ा मामले में उद्यानिकी विभाग के दो अधिकारी गिरफ्तार

किसानों से फर्जीवाड़ा मामले में उद्यानिकी विभाग के दो अधिकारी गिरफ्तार

Akanksha Agrawal | Publish: May, 21 2019 10:24:53 AM (IST) Jagdalpur, Jagdalpur, Chhattisgarh, India

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जगदलपुर में कर्ज न चुकाने पाने के बाद दो किसानों (Farmers) को जेल भेजे जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 48 घंटों के अंदर ही उद्यानिकी विभाग के दो अधिकारियों को किसानों (Farmers) को धोखे में रखकर कर्जा दिलाने के नाम पर गिरफ्तार कर लिया है।

जगदलपुर. किसानों (Farmers) को धोखे में रखकर कर्ज दिलाने वाले उद्यानिकी विभाग के अधिकारी आरके मिश्रा और कृषि विकास विस्तार अधिकारी रूपेंद्र चौधरी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 48 घंटे के अंदर पुलिस ने यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है।

शनिवार को बिचौलियों और अब उद्यानिकी विभाग के दो अधिकारियों के पुलिस गिरफ्त में जाने के बाद अब मामले में एसबीआई के एडीबी शाखा के ब्रांच मैनेजर चंद्रशेखर राव, फील्ड ऑफिसर इम्तियाज खान और कैशियर प्रकाश जोशी पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस (Police) तीनों आरोपियों की तलाश में हैं और जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। किसानों (Farmers) से फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस (Police) ने सात लोगों के उपर FIR दर्ज की थी। सोमवार को उद्यानिकी विभाग के दो अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद आंकड़ा 4 पहुंच चुका है। बचे तीन के खिलाफ जांच चल रही है।

बगैर काम देखे कर दिया प्रमाणपत्र जारी : जांच में पाया कि वर्ष 2009 में ग्राम भाटपाल स्थित 4.35 एकड़ भूमि पर ड्रिप सिस्टम, पाइप व बरबेट वायर लगाने के नाम पर कृषि उद्यानिकी सहायक संचालक जगदलपुर को आवेदन दिया गया था। विभाग जगदलपुर ने जमीन के सर्वे के बाद लगभग 1 लाख 32 हजार की अनुमानित खर्च का स्टीमेट तैयार किया। फिर जैन इरीगेशन सिस्टम लिमिटेड को ड्रिप सिस्टम लगाने हेतु अनुबंध किया गया।

जैन इरीगेशन सिस्टम लिमिटेड की एजेंट बलराम चावड़ा उर्फ बल्लू और रघु सेठिया ने फील्ड पर 1.35 एकड़ में आधा-अधूरा काम किया। लेकिन विभाग ने बगैर भौतिक सत्यापन के काम पूर्ण होने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। उद्यानिकी विभाग ने संतुष्टि प्रमाण पत्र आवेदक को बगैर जानकारी दिए उसके हस्ताक्षर करवा लिए।

इसके बाद आवेदक तुलाराम मौर्य के खाते से 25 नवंबर 2009 को जैन इरिगेशन सिस्टम लिमिटेड के एजेंट बलराम द्वारा विड्रॉल फ़ार्म भरकर 1 लाख 50 हजार निकाल लिए और ड्रिप पाइप का भुगतान करने के नाम पर स्वयं 1 लाख रुपए ले लिया और 50 हजार आवेदक तुलाराम मौर्य को दिया था। उसके ठीक 2 माह के बाद 22 जनवरी 2010 को फिर से बलराम तुलाराम के पास पहुंचा और 50 हजार सब्सिडी में जमा करने के नाम पर आवेदक से बचे 50 हजार रुपए भी ले गया।

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