शराब दुकान हटाने जकांछ कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर करेंगे ये काम

शराब दुकान हटाने जकांछ कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर करेंगे ये काम

Badal Dewangan | Publish: Sep, 09 2018 10:22:27 AM (IST) Jagdalpur, Chhattisgarh, India

पिछले 5 दिनो से अनशन करने के बाद भी शासन और प्रशासन की ढुलमुल रवैये से नाराज जकांछ कार्यकर्ता ने निकाला है ये अनोखा उपाय

जगदलपुर. शहर से शराब दुकानों को बाहर निकालने के लिए पिछले 5 दिनो से अनशन करने के बाद भी शासन और प्रशासन की ढुलमुल रवैये से नाराज जकांछ कार्यकर्ता अब अपने आंदोलन को शहर के घर-घर तक ले जाने की बात कह रहे हैं। धरमपुरा स्थिति पार्टी कार्यालय में शुक्रवार को प्रेसवार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि शराब की दुकाने जब तक बाहर नहीं जाएंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आमरण अनशन को जनता का भरपुर समर्थन मिल रहा है
विधानसभा प्रभारी अमित पांडे ने कहा कि कार्यकर्ताओं के आमरण अनशन को जनता का भरपुर समर्थन मिल रहा है। लेकिन इसके लिए शासन व प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। यह बेहद निंदनीय हैं। इस जायज मांग की अनदेखी के चलते पार्टी ने अब नए तरीके से इस आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

आमरण अनशनकारियों के पक्ष में समर्थन
रविवार से जकांछ के कार्याकर्ता मांगो को जनसमर्थन दिलवाने शहर के विभिन्न चोक चौराहों में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी, वही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा शहर के विभिन समाजो व सामाजिक एव्यपारिक संगठनों के गणमान्य नागरिकों से मिलकर आमरण अनशनकारियों के पक्ष में समर्थन जुटाएंगे। गौरतलब है कि पांच दिनों से चल रहे अनशनकारियो को पुलिस ने जबरन उठाकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया था। जिलाध्यक्ष गौरीकांत मिश्रा, रोजवीन दास, जुबिनश पाप्पाचन, महेंद्र महापात्र, दीपक सिंह, बलराम बेसरा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

विधायक के निर्देश पर हुई एफआइआर
अनशन के दौरान सीएम के पुतला दहन मामले में जकांछ कार्यकर्ताओं के उपर एफआइआर दर्ज की गई है। इसे लेकर प्रेसवार्ता में अमित पांडे ने विधायक बाफना की चाल बताते कहा कि वे आंदोलन से डर गए हैं, इसके बाद ही आंदोलन को कुचलने के लिए कार्रवाई की है।

इधर मेकाज में अनशन जारी
गौरतलब है कि अनशन पर बैठे जकांछ कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती उनके टेंट से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इसके बाद से यह सभी मेडिकल कॉलेज में ही अनशन कर रहे हैं। इधर पांच दिन पूरे होने के बाद शनिवार को मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने सभी की हालत को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि सभी का बीपी व शूगर लेवल काफी नीचे चला यगा है। यदि जल्द ही वे अनशन खत्म नहीं करते तो उनकी किडनी पर भी इसका असर पडऩा शुरू हो जाएगा। जो घातक हो सकता है।

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