60 फीसदी चीनी बाहर से, सरकार को 300 करोड़ का नुकसान

बाहर की शक्कर, नुकसान का चक्कर

जयपुर. राजस्थान में चीनी पर जारी 1.60 फीसदी मंडी शुल्क के चलते यहां 60 फीसदी चीनी की खपत बाहरी राज्यों से हो रही है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों में कृषि उत्पाद की तर्ज पर चीनी पर मंडी शुल्क नहीं है। ऐसे में सैकड़ों कारोबारी अवैध तरीके से समावर्ती राज्यों से चीनी मंगाकर यहां खपा रहे हैं।
राजस्थान शुगर ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण चितलांग्या ने बताया कि राज्य में मंडी शुल्क के चलते एक हजार से ज्यादा चीनी ट्रेडर्स को भारी नुकसान हो रहा है। देश में किसी भी राज्य में चीनी पर मंडी शुल्क नहीं है, ऐसे में राजस्थान में चीनी 60 रुपए प्रति बोरी (एक क्विंटल) महंगी पड़ रही है। इसके साथ ही जो चीनी बाहर से आ रही है, उस पर लग रहे 2.50 प्रतिशत एसजीएसटी का लाभ भी राज्य सरकार को नही मिल रहा है, जिसके चलते राज्य सरकार को हर साल 300 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो रहा है।


50 करोड़ का फायदा, 300 करोड़ का नुकसान
अलवर के चीनी कारोबारी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि मंडी शुल्क के पेटे राज्य सरकार को हर वर्ष करीब 50 करोड़ का राजस्व मिल रहा है, लेकिन दूसरी ओर प्रदेश में पनप रहे अवैध कारोबार के चलते सरकार को 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का एसजीएसटी की मद में नुकसान हो रहा है। हाल ही में सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारियों ने प्रदेशभर में कार्रवाई कर सैकड़ों टन अवैध चीनी बरामद कर जीएसटी चोरी के मामले पकड़े थे।

Jagmohan Sharma Desk/Reporting
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