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Aaj Ka Rashifal 27 November : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्योतिषाचार्य

locationजयपुरPublished: Nov 26, 2023 07:18:26 pm

Submitted by:

Shipra Gupta

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

 

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।
mukesh.jpgज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक 9 और भाग्यांक भी 9 है। इसके मायने यह है कि आज के दिन में अपने पिछले किए हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए आगे की योजना बनाना और संघर्ष के लिए अपने आप को तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण दिन हो सकता है। उन सभी लोगों को जो अतिरिक्त ऊर्जा के कारण अनायास ही दूसरे लोगों से अपनी आपको सही सिद्ध करवाने के लिए उलझ जाते हैं। आज सावधान रहने की आवश्यकता है। मूलांक 1,3,5,7 और 9 वालों की आज का दिन विशेष हो सकता है।
टैरो कार्ड के अनुसार आज का कार्ड सेवन ऑफ स्वॉर्ड्स के साथ द स्टार है। आज सभी की नजरे आप पर होगी और आप अपने कार्यों को अगर पहले निर्धारित किए गए तरीके से करते हुए आगे बढ़ रहे होंगे। सब आपको सम्मान और आगे आने के लिए अवसर प्रदान करेंगे। ऐसे में आज का दिन आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
वैदिक ज्योतिष (मूनसाइन — सनसाइन)

सनसाइन के अनुसार कार्यस्थल पर आज एक दूसरे को पीछे छोड़ने की भावना जबरदस्त तरीके से कार्य कर रही हो सकती है। ऐसा महसूस हो सकता है की कोई भी किसी से अपने आप को कम नहीं देखना चाहता ऐसे में स्वार्थ की भावना बेहद तेज हो सकती है। आपसी सद्भाव और सहयोग बहुत न्यूनतम स्तर पर हो सकता है। संभाल कर रहने की आवश्यकता है।

मूनसाइन के अनुसार आज का दिन भावनात्मक तौर पर थोड़ा रुख रहने की संभावना है। साथी को आपकी भावनात्मक बातचीत हो सकता है। प्रैक्टिकल ना लगे ऐसे में बहुत समझदारी से अपने भावों को छुपाते हुए केवल उनके साथ सहयोग करते हुए आगे बढ़ने का दिन रहेगा।
कैसा रहेगा साप्ताहिक दांपत्य राशिफल

दांपत्य जीवन के लिहाज से आने वाला सप्ताह थोड़ी को एनर्जी का रह सकता है। ऐसे में एक दूसरे से की गई अपेक्षाओं का सही से कार्यक्रम में बैठना थोड़ा मुश्किल रहेगा। समझदारी से अपने भावों को नियंत्रित करना होगा। सप्ताह का मध्य भाग थोड़ी सी एनर्जी लौट सकता है ऐसे में जरूरी विषयों पर बातचीत आरंभ होगी। सप्ताह का अंत सामान्य से गुजर जाने की अपेक्षा की जा सकती है। आपसी संवाद और सौहार्द की पुनर्स्थापना से चीज सामान्य होगी।
आपका सवाल

प्रश्न: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कार्तिक मास में स्नान करने का क्या महत्व है? — सरिता शर्मा

उत्तर: सनातन संस्कृति में कार्तिक मास में स्नान करने का बहुत महत्व है। उसमें भी पूर्णिमा का स्नान अत्यधिक महत्व का कहा गया है। कार्तिक मास में स्नान करने से अगर हम वैज्ञानिक तौर पर देखें तो आने वाले सर्दी के मौसम से अपने आप को एक तरह से क्लाइमेट टाइजेशन करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। यह सभी लोग जिनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता थोड़ी कमजोर है। धीरे-धीरे अपने आप को आने वाली सर्दियों के लिए तैयार कर सकते हैं। अपने अंदर इम्यून सिस्टम को बढ़ा सकते हैं।
shyam_narayan.jpgज्यो. पं चंदन श्यामनारायण व्यास, पंचांगकर्ता

मेष: कारोबार में चल रहे तनाव व आर्थिक मंदी से परेशान रहेंगे। कर्ज सम्बंधित प्रक्रिया को पूरा करने में लगे रहेंगे।


वृषभ: आज का दिन परिवार के लिए महत्त्वपूर्ण है। आपकी बुद्धिमानी से सम्मान मिलेगा तथा व्यापार में उन्नति होगी।

मिथुन: अपने दिल की बात कहने का अवसर मिलेगा। माता पिता के साथ किसी जरूरी मुद्दों पर चर्चा होगी।


कर्क: समय पर काम करना सीखें। व्यापार बदलने का मन होगा। अपने काम पर ध्यान दें। यात्रा हो सकती है।

सिंह: आर्थिक तनाव से अपयश होगा। कार्यक्षमता में कमी आएगी। व्यापार में उधारी अधिक होने से परेशानी बढ़ सकती है।


कन्या: प्रयास करने से परिवार में सुख-शांति रहेगी। व्यापार में नई योजनाएं बनेंगी। खान-पान में सावधानी रखें।

तुला: नौकरी में प्रयास सार्थक होंगे। व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में लाभ होने के योग बन रहे हैं। ऋण कैसे चुकाया जाय ध्यान दें।

वृश्चिक: कार्यस्थल पर वाद-विवाद से बचकर रहें। महत्वपूर्ण कार्यों में स्वयं सक्रिय होना आवश्यक है।

धनु: व्यापार में वृद्धि होकर आर्थिक क्षेत्र में सुधार की संभावना है। आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। नए कार्यों में सफलता मिलेगी।


मकर: व्यापारिक नए कार्यों को करने से लाभ के मार्ग प्रशस्त होंगे। पुरानी उधारी, लेनदारी में सफलता मिलेगी।

कुम्भ: नौकरीपेशा जातकों के लिए स्थानांतरण या पदोन्नति के योग हैं। अपने प्रयासों से प्रगति की ओर अग्रसर हों।


मीन: आप क्यों व्यर्थ समय गंवा रहे है। सामाजिक कामों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
ghanshyam.jpgग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पं. घनश्यामलाल स्वर्णकार

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत : 1445
मु.मास:जमादि-उल-अव्वल- 12
अयन: दक्षिणायण
ऋ तु: हेमन्त
मास: कार्तिक
पक्ष: शुक्ल


श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज सूर्योदय से प्रात: 08-18 बजे तक अमृत, प्रात: 09-37 बजे से पूर्वाह्न 10-55 बजेतक शुभ तथा दोपहर बाद 01-33 बजे से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11-53 बजे से दोपहर 12-35 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

शुभ तिथि: पूर्णिमा ‘‘पूर्णा’’ संज्ञक शुभ तिथि दोपहर बाद 02-46 बजे तक, तदन्तर मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारम्भ हो जायेगी। शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि में यथाआवश्यक समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, विवाह, प्रतिष्ठा, गृहारम्भ, प्रवेश, यात्रा, अलंकार, कलाकार्य और यज्ञकर्म आदि शुभ व सिद्ध होते हैं। इसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा में भी उपरोक्त सभी कार्य शुभ कहे गए हैं।

नक्षत्र: कृतिका ‘‘मिश्र व अधोमुख’’ संज्ञक नक्षत्र दोपहर बाद 01-35 बजे तक, तदन्तर रोहिणी ‘‘धु्रव व ऊध्र्वमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। कृतिका नक्षत्र में सभा, साहस, शत्रुवध, सगाई व रोका आदि के कार्य और रोहिणी नक्षत्र में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

योग: शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग रात्रि 11-38 बजे तक, तदन्तर सिद्ध नामक नैसर्गिक शुभ योग हैं।


विशिष्ट योग: सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग दोपहर बाद 01-35 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक तथा कुमार योग नामक शुभ योग दोपहर बाद 02-46 बजे से है।

करण : बव नामकरण दोपहर बाद 02-46 बजे तक, तदुपरान्त बालव व कौलव आदि करण क्रमश: हैं।


व्रतोत्सव: कार्तिक पूर्णिमा, सत्यव्रत, गुरुनानक जयन्ती, देव-दिवाली, कार्तिक स्नान व भीष्म पंचक समाप्त, कार्तिक स्वामी दर्शन दोपहर बाद 01-36 बजे तक, अष्टानिका महापर्व पूर्ण (जैन), मन्वादि, मेला पुष्कर अजमेर समाप्त, निम्बार्काचार्य जयन्ती व केदार व्रत (उड़ीसा) आदि हैं।

चंद्रमा: चंद्रमा वृष राशि में सम्पूर्ण दिवारात्रि।


शुभ मुहूर्त: आज कृतिका नक्षत्र में गृहारम्भ व गृह-प्रवेश के अतिआवश्यकता में (नक्षत्र त्याज्य), तथा रोहिणी नक्षत्र में विवाह अ.आव. में (मृत्यु पंचक दोष युक्त), द्विरागमन, वधू-प्रवेश, कूपारम्भ, नामकरण, अन्नप्राशन, विपणि, प्रसूतिस्नान व शल्य चिकित्सा के शुभ मुहूर्त हैं।

दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।


राहुकाल (मध्यममान से): प्रात: 7-30 बजे से प्रात: 9-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।
kundali.jpgआज जन्म लेने वाले बच्चे: इनके नाम (उ, ए, ओ, वा, वि) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते है। इनकी जन्म राशि वृष है। वृष राशि के स्वामी शुक्र हैं। इनका जन्म स्वर्णपाद से है। सामान्यत: ये जातक मित्रता बढ़ाने में सिद्धहस्त, बुद्धिमान, आशावादी, विद्वान, प्रसिद्ध, तेजस्वी और जनप्रिय होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 30 वर्ष की आयु के बाद होता है। वृष राशि वाले जातकों का राशि स्वामी शुक्र अभी राहु की दृष्टि में केतुयुक्त है। अत: वृष राशि वाले जातकों के शुभापेक्षित कार्यों में विघ्न बाधा रहेगी। सामाजिक, राजनीतिक व व्यावसायिक क्षेत्र में आरोप-प्रत्यारोप लगते रहेंगे। आय पक्ष शिथिल रहेगा।

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