स्कूलों में कृषि, पशुपालन विषय अनिर्वाय रूप से शुरू किए जाएं

कृषि पशुपालन से जुड़ी अनुदान मांगों पर विधानसभा में सोमवार को कई विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखते हुए मांग कीं।

By: Ashish

Updated: 15 Mar 2021, 03:57 PM IST

जयपुर
कृषि पशुपालन से जुड़ी अनुदान मांगों पर विधानसभा में सोमवार को कई विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखते हुए मांग कीं। शिव से विधायक अमीन खां ने कहा कि वे 10 साल से 40 साल की उम्र तक भेड़, बकरी, गाय, ऊँट के पीछे खेती करते रहे और ग्वाले रहे। उन्होंने कहा कि ऊँट को सरकार ने कानून बनाकर राज्य पशु घोषित कर दिया लेकिन ऊँट, सांड को कोई हाथ नहीं लगाता। ये आवारा हो गए हैं। उन्होंने ऊँटों को बचाने की बात सदन में उठाई।

पुष्कर से विधायक सुरेश सिंह रावत ने अपने क्षेत्र के लिए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में गुलाब, आंवला, आम मक्का और बाजरा का भारी उत्पादन होता है, सरकारी सहायता से यहां एग्रो इंडस्ट्री स्थापित की जाए। देवली उनियारा से विधायक हरीश चंद्र मीना ने अपने क्षेत्र के एक स्थान का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कृषि उपज मंडी बने हुए 10 साल हो गए लेकिन एक बार भी खरीद शुरू नहीं हुई। उन्होंने हायर सेंकडरी स्कूलों में कृषि, पशुपालन विषय अनिवार्य रूप से शुरू करने समेत अन्य बातें रखींं। बांरा अटरू से विधायक पानाचंद मेघवाल ने कहा ऐसा नियम बनना चाहिए कि किसान की तैयार फसल जब मंडी में पहुंच जाए और फिर भीग जाए तो किसान को पूरा मूल्य मिलना चाहिए।

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