
She News... और इस तरह कविता बन गईं ‘मिलेट मां’
हर मां चाहती है कि उसके बच्चे हेल्दी खाएं और फिट रहें। ऐसी ही मां हैं कविता देव जो हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने मां से ‘मिलेट मां’ बनने का सफर तय किया अपनी कड़ी मेहनत से।
मूल रूप से विशाखापट्टनम की कविता शादी के बाद रायपुर आ गईं। जहां उनकी दुनिया पति और बच्चों तक थी। कविता बताती हैं कि बच्चे हेल्दी खाएं इसका उन्हें हमेशा ध्यान रहता था, लेकिन एक दिन, रोज की तरह उन्होंने अपने बच्चों के लिए सब्जियों का जूस बनाया लेकिन बच्चे उसे छिपा कर स्कूल चले गए। उन्होंने जब शाम को भरा हुआ जूस का गिलास देखा, तो उसमें एक तेल की परत नजर आई। पता लगाने पर उन्हें पता चला यह तेल नहीं केमिकल है जो सब्जियों में ही मौजूद था। बस यही से उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया। उन्होंने जूस बनाना बंद करके घर पर किचन गार्डन की शुरुआत की। उन्होंने हैदराबाद जाकर वर्कशॉप अटैंड की और गार्डन में ऑर्गेनिक सब्जियां उगाना शुरू किया। कुछ समय बाद पति की मदद से एक छोटी सी जमीन लेकर उन्होंने वहां सब्जियां-फल और फिर मोटे अनाज उगाना शुरू किया। कविता कहती हैं कि उनकी इच्छा है कि उनके परिवार की तरह दूसरे घरों तक भी जैविक खाना पहुंचे। इसी उद्देश्य से उन्होंने मिलेट से ही डोसा, इडली और उपमा प्रीमिक्स जैसे प्रोडक्ट्स बनाना शुरू किया।
पेशेंट्स के लिए डाइट
कविता के मुताबिक इस काम से न केवल उन्हें आय हो रही हैं बल्कि वह अपने जैसे कई परिवारों को भी शुद्ध और सात्विक भोजन उपलब्ध करवाने में मदद कर पा रही है। वह कहती हैं कि आज उनकी पहचान मिलेट मां के रूप में होती है क्योंकि उन्होंने तकरीबन सात आठ साल पहले से ही इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया था। वह डॉक्टर, बीएसएफ के जवानों, मरीजों स्टूडेंट्स आदि को मिलेट फूड बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण भी देती हैं।
Published on:
10 Feb 2024 01:18 pm
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