Armed Forces : भारतीय सेना में घट रहे हैं राजस्थान के रणबांकुरे

भारतीय सेना में 7912 अधिकारियों की कमी है तो 90640 सैनिकों की कमी है। भारतीय वायु सेना में 610 अधिकारियों की कम है तो 7104 एयरमैन की कमी है। भारतीय नौ सेना में 1190 अधिकारियों तो 11927 सेलर की कमी है।

By: Anand

Published: 26 Jul 2021, 11:34 PM IST

आनंद मणि त्रिपाठी
जयपुर
राजस्थान (Rajasthan) की धरती को भले ही रणबांकुरों की धरती कहा जाता है लेकिन अब यह संख्या धीरे धीरे कम हो रही है। यह हम नहीं कह रहे हैं। यह रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) के आंकड़े कह रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि तीनों सेनाओं में राजस्थान शीर्ष तीन में जगह बनाए हुए है। इसे तकनीक का बदलाव कहा जाए या फिर जज्बे की कमी। मानदंड की बढ़ोतरी कहा जाए या फिर शिक्षा प्रणाली का असर। भारतीय सशस्त्र सेना (Indian Armed Forces ) लगातार ही सैनिकों (Indian Soilder) से लेकर अधिकारियों (Officer) तक की कमी से जूझ रही है। भारतीय सेना (Indian Army) में 7912 अधिकारियों की कमी है तो 90640 सैनिकों की कमी है। भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) में 610 अधिकारियों की कम है तो 7104 एयरमैन की कमी है। भारतीय नौ सेना (Indian Navy) में 1190 अधिकारियों तो 11927 सेलर की कमी है।

भारतीय सेना में घटा राजस्थान का जज्बा

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक युवाओं का भारतीय सेना में जान का चाव अब घट गया है। 2018 में जहां भारतीय सेना में राजस्थान से 5617 सैनिक भर्ती हुए थे वहीं यह संख्या 2019 में 5569 और 2020 में घटकर 4868 पर पहुंच गई। हालांकि यह तीनों ही साल सभी राज्यों की पंक्ति में तीसरे स्थान पर रहा।
सबसे ज्यादा असर पंजाब से दिखाई दे रहा है। पंजाब में 2018 में 7079 सैनिक भर्ती हुए थे वहीं 2019 में यह संख्या 5117 तक गिर गई। 2020 में थोड़े सुधार के साथ यह संख्या 5821 पहुंची है। पंजाब में नशाखोरी के कारण बेहतर युवा न मिलना इसका बड़ा कारण माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की बात करें तो यह अव्वल स्थान पर तो है लेकिन संख्या यहां भी घट गई है। उत्तर प्रदेश में 2018 में 7600 सैनिक सेना में भर्ती हुए थे तो वहीं 2019 में यह संख्या 8098 थी। फिर 2020 में यह संख्या घटकर 7162 आ गई। आंकड़ों पर नजर डाले तो यह गिरावट सभी प्रदेशों में जारी है।

वायुसेना में भरी रणबांकुरों ने उड़ान

एक तरफ जहां भारतीय सेना में राजस्थान के युवाओं का चाव घटा है तो वहीं भारतीय वायु सेना में यह बढ़ गया है। खास बात यह है कि संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि सभी राज्यों में राजस्थान वायुसेना में दूसरे नंबर पर है। 2018 में राजस्थान से 1466 एयरमैन भर्ती हुए थे तो वहीं 2019 में यह संख्या 1426 हुई और 2020 में यह संख्या बढ़कर सीधे 1879 पहुंच गई।
हरियाणा भी राजस्थान के कदमों पर चल रहा है। 2018 में यहां के 859 युवा एयरमैन बने तो 2019 में यह संख्या दोगुनी के करीब पहुंचते हुए 1501 हो गई और 2020 में तो यह संख्या 1719 तक पहुंच गई। यूपी कुल संख्या में नंबर वन तो है लेकिन संख्या घट गई है। उत्तर प्रदेश से 2018 में 2635 एयरमैन, 2019 में 2188 एयरमैन और 2020 में 2345 युवा एयरमैन बने।
सबसे बेहतरीन कहानी बिहार की दिखाई देती है। 2018 में इस राज्य से 150 एयरमैन भर्ती हुए थे तो 2019 में यह संख्या साढ़े तीन गुणा बढ़ गई और 530 युवा एयरमैन बने। 2020 में यह संख्या बढ़कर 670 हो गई है। ऐसे में देखें तो बिहार

भारतीय नौ सेना में भारी कमी
युवाओं की सबसे ज्यादा कमी भारतीय वायुसेना में दिखाई दे रही है। राजस्थान के युवा यहां तेजी से घटे हैं। भारतीय नौ सेना में 2018 में 974 युवा सेलर बने थे, 2019 में यह संख्या 955 और 2020 में यह संख्या घटकर 248 रह गई है। उत्तर प्रदेश भले ही यहां पहले नंबर पर है लेकिन यहां भी दिलचस्पी घटी है। 2018 में 1284 युवा सेलर बने थे, 2019 में 1140 और 2020 में यह घटकर 449 रह गए।
शीर्ष तीन में शामिल हरियाणा में अभी भी क्रेज बरकरार है। 2018 में यहां के 637, 2019 में 659 तो 2020 में 404 युवा सेलर बने। मध्यप्रदेश भारतीय नौसना में ही शीर्ष पांच में शामिल है। 2018 में यहां से 423 युवा सेलर बने, 2019 में 329 और 2020 में यह घटकर 92 रह गया।

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