एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला मामला

जयपुर में एबीवीपी धरने के दौरान कार्यकर्ताओं पर हमला मामला
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का बयान
कहा,एनएसयूआई गुंडों द्वारा कातिलाना हमला निन्दनीय
एनएसयूआई ने कहा, परिषद के कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप निराधार
परिषद ने धरने के नाम पर बिठा रखे हैं गुंडे
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा, दोषियों पर हो कार्रवाई

By: Rakhi Hajela

Published: 28 Feb 2021, 04:13 PM IST

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया (BJP state president Dr. Satish Poonia) ने कल देर रात राजस्थान विश्वविद्यालय मुख्यद्वार पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की निंदा की है। घटना सामने आने के बाद पूनिया ने एक बयान जारी कर राज्य सरकार पर निशाना साधा,साथ ही एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गुंडा तत्व करार किया। वहीं एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता का कहना है कि परिषद के कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप निराधार हैं।
गौरतलब है कि पूनिया ने ट्वीट में कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रों की मांगों के लिए एबीवीपी कार्यकर्ताओं की ओर से शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा था, लेकिन एनएसयूआई के गुंडों ने वहां पहुंचकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर कातिलाना हमला किया, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस हमले के बावजूद पुलिस द्वारा घायल छात्र को ही गिरफ्तार करना ओछी मानसिकता का पर्याय है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के हमले राज्य की कांग्रेस सरकार के इशारे पर हो रहे हैं। इस तरह से छात्र आंदोलन को दबाया जाना तानाशाही है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इस प्रकरण को लेकर ट्वीट किया और लिखा कि कल आधी रात को राज विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे परिषद के छात्रों पर एनएसयूआई का हमला घोर निंदनीय है। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें।
परिषद ने बिठा रखे हैं गुंडे: भाटी
वहीं पूरे प्रकरण को लेकर एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता रमेश भाटी का कहना है कि परिषद कार्यकर्ताओं पर हुए हमले में एनएसयूआई का कोई हाथ नहीं है। भाटी ने कहा कि परिषद कार्यकर्ताओं ने धरने के नाम पर पिछले कुछ दिनों से विवि परिसर में गुंडे बिठा रखे हैं जिससे विवि में अराजकता का माहौल पैदा हो रखा है। सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। हम मांग करते हैं कि इस मामले की पूरी जांच की जाए।
ये है मामला
राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर विभिन्न मांगों को लेकर एबीवीपी का बेमियादी धरना पिछले कई दिनों से चल रहा है। कल देर रात लगभग एक बजे परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए। प्रदेश मंत्री होशियार मीणा के मुताबिक शनिवार रात को धरना स्थल पर मौजूद आठ दस कार्यकर्ता सो रहे थे। तभी आधी रात को कुछ गाडिय़ों में सवार होकर युवक आए। उन्होंने डंडे व सरियों से एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इसके बाद फरार हो गए। सूचना मिलने पर गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस हमलावरों पर कार्रवाई के बजाए हमारे ही एक छात्र कार्यकर्ता को थाने ले गई। उसे शांति भंग में पकड़ लिया। मीणा का आरोप है कि सरकार के दबाव के चलते यह कार्रवाई हुई। मीणा ने कहा कि धारा 151 में कांग्रेस सरकार की तानाशाही के कारण हमारे कार्यकर्ता पिटे, हम पर ही हमला हुआ और हमारे ही कार्यकर्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह कहां का न्याय है गहलोत साहब ? मीणा के मुताबिक राजस्थान यूनिवर्सिटी हर साल नॉन कॉलेजिएट स्टूडेंट्स से फीस के साथ 1 हजार रुपए विमर्श शुल्क ले रही है, जिससे करोड़ों रुपए की इन्कम हो रही है। एबीवीपी इस विमर्श शुल्क की वसूली बंद करने, छात्रों को 5 प्रतिशत बोनस अंक देने सहित विभिन्न मांगें कर रही है। इसको लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर पिछले कई दिनों से धरना दिया जा रहा है। हमले के बाद पुलिस कार्रवाई से नाराज विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गांधी नगर थाने पहुंचे। वहां धरने पर बैठ गए।
कल जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
एबीवीपी संगठन ने जयपुर में अपने कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की घटना को देखते हुए कल सभी जिला केन्द्रों पर सरकार के खिलाफ विरोध.प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। छात्र संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक जयपुर में कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन किया जाएगा।

Rakhi Hajela Desk
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