बीयर के शौकिनों को सरकार का बड़ा झटका! राजस्थान में महंगी हुई बीयर

Beer Price in Rajasthan : Vidhan Sabha Election 2019 ) में की गई घोषणाओं के मध्यनजर किसान कर्जमाफी ( Kisan Karj Mafi ) के फैसल के बाद से तंगी के हालातों से गुजर रही राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) ने अपने खजाने को भरने के लिए 1 जुलाई से बढ़ा हुआ टैक्स ( Tax ) वसूलना शुरू ( Beer Price in Rajasthan ) कर दिया है...

By: dinesh

Published: 02 Jul 2019, 06:11 PM IST

जयपुर। विधानसभा चुनावों ( Vidhan Sabha Election 2019 ) में की गई घोषणाओं के मध्यनजर किसान कर्जमाफी ( Kisan Karj Mafi ) के फैसल के बाद से तंगी के हालातों से गुजर रही राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) ने अपने खजाने को भरने के लिए 1 जुलाई से बढ़ा हुआ टैक्स ( Tax ) वसूलना शुरू ( beer r Price in Rajasthan ) कर दिया है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने बीयर ( Beer ) पर 15 प्रतिशत टैक्स बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले से बीयर पीने वालों को झटका लगा है। अब बीयर पर यह टैक्स बढ़ोतरी तीन महीने में दूसरी बार की गई है। इससे पहले अप्रेल में जब सरकार ने टैक्स बढ़ाया था, तब बीयर के भाव 13 प्रतिशत बढ़ गए थे। इसी तरह से सोमवार से बिजली विभाग ने भी प्रदेश के उपभोक्ताओं को बिजली पर फ्यूल सरचार्ज के नाम पर 8 से 15 फीसदी अधिक राशि वसूलना शुरू कर दिया है।

अटके हुए हैं भुगतान
किसानों को कर्जमाफी ( Farm Loan Waiver ) का पैसा चुकाने से सरकार की हालत और भी खराब होती जा रही है। ऐसे में गहलोत सरकार के पास बजट की कमी के चलते प्रदेश के सरकारी विभागों के भुगतान अटके पड़े हैं। इस स्थिति में सरकार अपने खाली खजाने को भरने के लिए टैक्स बढ़ाकर खजाना भरने में जुटी है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई आबकारी नीति के तहत देसी शराब पहले ही महंगी की थी। इसके बाद भारत निर्मित अंग्रेजी शराब की ड्यूटी बढ़ाकर उसे भी महंगा किया था। इसके अलावा बॉटलिंग प्लांट और डिस्टलरी में लागत बढ़ाई थी। नई नीति के लागू होने के बाद से देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर तीनों की दरों में 10 से लेकर 50 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। विभाग ने विदेशी शराब की इंपोर्ट ड्यूटी भी बढ़ाई थी।

 

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जनता से करीब 400 करोड़ रुपए वसूलने की तैयारी
1 जुलाई से प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं से बिजली पर फ्यूल सरचार्ज ( Fuel Surcharge ) के नाम पर 8 से 15 फीसदी अधिक राशि वसूलना शुरू कर दिया है। बिजली कंपनियों ने इस सरचार्ज के जरिए जनता से करीब 400 करोड़ रुपए वसूलने की तैयारी कर ली है। नियामक आयोग के निर्देश पर फ्यूल सरचार्ज पहले बिजली खरीद की 10 फीसदी तक वसूल सकते थे लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है और इसी के साथ अब बिजली उपभोक्ताओं पर 55 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से भार पडऩे वाला है।

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