
जयपुर
कोरोना महामारी ( Coronavirus In Rajasthan ) के बीच सरकार ( Rajasthan Government ) की ओर से एक राहत देने वाली खबर आई है। खबर उन मजदूरों के लिए है जो प्रदेश भर में ईंट भट्टों पर काम करते हैं और अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। ऐसे मजदूरों की संख्या हजारों में है और उनके परिवारों को भी इसमें जोड़ लिया जाए तो संख्या और बढ़ जाती है।
गृह विभाग राजस्थान की ओर से इस तरह के आदेश जारी हुए हैं। हांलाकि इन भट्टों को कब से शुरु किया जाना है इसके बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह है कि मजदूर राज्य के कई जिलों में फंसे हुए हैं, वे एक शहर से दूसरे शहर जाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में उनको लेकर भी सरकार की तैयारी साफ नहीं हैं।
इन पांच शर्तों को पूरा करना होगा भट्टा मालिकों को
गृह विभाग के अफसरों का कहना है कि भट्टा मालिक फिर से भट्टे शुरू कर सकेंगे लेकिन इसके लिए पांच नियमों का पालन करना होगा नहीं तो उनको अनुमति नहीं मिलेगी। इन नियमों में मजदूरों की नियमित मेडिकल जांच सबसे उपर है। दूसरा नियम है कि एक बार भट्टा में जाने के बाद मजदूर किसी भी कीमत पर उसकी सीमा से बाहर नहीं आ सकेंगे। हर कुछ दिन में उनकी जांच होगी और अगर कोई भी किसी भी बीमारी से परेशान है तो उसे तुरंत इलाज देना होगा। भट्टा मालिक ही उनके खाने और राशन का बंदोबस्त करेंगे ताकि वे बाहर नहीं आए।
प्रदेश में करीब पंद्रह सौ से भी ज्यादा भट्टे
गौरतलब है कि प्रदेश में करीब पंद्रह सौ से भी ज्यादा भट्टे हैं जिनमें हजारों की संख्या में मजदूर काम कर रहे हैं। लॉक डाउन ( Lockdown In Rajasthan ) होने के बाद से भट्टे भी बंद कर दिए गए और अपने घरों में जाने के चक्कर में मजदूर अलग—अलग राज्यों और जिलों में फंस गए।
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Updated on:
10 Apr 2020 05:06 pm
Published on:
10 Apr 2020 05:06 pm
