WATCH VIDEO : तीसरी आंख में हुआ मोतियाबिंद

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Prabhat K Sharma | Updated: 28 Aug 2019, 11:00:00 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

धौलपुर जिला मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था अब राम भरोसे कही जा सकती है। प्रशासन ने यहां चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए कैमरे तो लगा दिए, लेकिन उसके बाद इनकी सुध नहीं ली गई। नतीजा से की इस तीसरी आंख को अब मोतियाबिंद हो गया है।

हर अपराध और घटना पर नजर रखने के लिए धौलपुर जिला मुख्यालय पर लगाई गई ‘तीसरी आंख’ अब सही तरीके से काम नहीं कर पा रही है। शहर में लगे ज्यादातर कैमरे या तो चालू नहीं हैं, जो थोड़े बहुत चालू हूं, उनमें नेट कनेक्टिविटी सही नहीं है, सो वो भी नाकाम साबित हो रहे हैं। जितने कैमरे लाइव हो रहे हैं, उनमें भी घटनाक्रम या वारदात होना तो दिख जाता है, लेकिन अपराधियों की शक्ल पहचान पाना मुश्किल हो रहा है। कुल मिलाकर इन आंखों से खुद को मजबूत मानने वाला अभय कमाण्ड अब पूरी या अधूरा छोड़, जीरो कमाण्ड कंडीशन में दिखाई दे रहा है। ऐसे में चोर, अपराधी या दुर्घटना के आरोपितों की पुलिस पहचान ही नहीं हो पा रही है। इसका फायदा अपराधी बेधड़क उठा रहे हैं और वारदात को अंजाम दे बिना अपनी पहचान छिपाए खुलेआम घूम रहे हैं।

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ये अभय कमाण्ड सेंटर करीब एक साल पहले शुरू किया गया था। करीब 2 महीने पहले तक यहां 60 कैमरे लगे हुए थे। इसके बाद 55 कैमरे और लगाए गए, लेकिन इनको अभी तक शुरू ही नहीं किया गया है। इन हालात में आपराधिक घटना होने पर सुबूत जुटाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान सरकार ने आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और नजर रखने के लिए जिला मुख्यालय पर ये तीसरी आंख लगाने का निर्णय किया था। इसके मद्देनजर अगस्त 2018 में अभय कमाण्ड सेंटर की स्थापना भी कर दी, लेकिन स्थापना के एक साल के बाद भी अभी तक मात्र 36 सीसीटीवी कैमरे ही ‘लाइव’ हैं। जबकि शहर में 396 कैमरे लगाने हैं। इनमें से फिजीबिलिटी 300 की बताई जा रही है।
नेट कनेक्टिविटी नहीं मिल पाने के कारण कैमरे लगाने के बाद भी उन्हें चालू नहीं किया जा सका है। दरअसल इन कैमरों से प्रोपर नेट कनेक्टिविटी 4096 बिट रेट की होनी चाहिए, लेकिन मिल पा रही है 512 की, ऐसे में कैमरे लाइव होने के बाद भी अपराधियों की शक्ल पहचान पाना मुश्किल हो जाता है। इन हालात के बीच 2 महीने पहले लगाए गए 55 कैमरे शुरू नहीं हो पा रहे हैं। शहर के गुलाब बाग चौराहा, जगदीश टॉकीज, लाल बाजार, पुराना डाकखाना चौराहा, जगन टॉकीज, राजकीय सामान्य चिकित्सालय, हरदेव नगर चौराहा, गौरव पथ, पैलेस रोड, तोप तिराहा, गडरपुरा, कचहरी मोड पर लगाए गए ये कैमरे शोपीस बनकर रह गए हैं।
हालात और व्यवस्थाएं चाहे जो हों, लेकिन अगर जल्द इन कैमरों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई तो अपराधी इस तीसरी आंख में हुए मोतियाबिंद का फायदा उठाकर पुलिस की आंख से काजल चुरा लेंगे।

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