विकास के लिए पैसा नहीं,लेकिन वीआईपी सुरक्षा के लिए मोटी रकम देने की तैयारी

एयरपोर्ट—स्टेट हैंगर के ठीक सामने खड़ी इमारतों को अवाप्त करने के लिए जिला कलेक्टर ने सरकार और जेडीए से 495 करोड़ रुपए की मोटी रकम मांग ली है।

By: rajesh walia

Published: 30 Sep 2017, 12:14 PM IST

एयरपोर्ट—स्टेट हैंगर के ठीक सामने खड़ी इमारतों को अवाप्त करने के लिए जिला कलेक्टर ने सरकार और जेडीए से 495 करोड़ रुपए की मोटी रकम मांग ली है। इसमें 19639.76 वर्गमीटर जमीन और तीनों के स्ट्रक्चर निर्माण की गणना की गई है। वीआईपी सुरक्षा के नाम पर हो रही इस अवाप्ति राशि आंकड़ा देख अफसरों के हाथ—पैर फूल गए हैं। लेकिन वीआईपी सुरक्षा की आड़ और सरकार के निर्देश के चलते
रकम देने की तैयारी शुरू हो गई है। इस मामले में नगरीय विकास विभाग जल्द ही बैठक करेगा। सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम देगा कौन, क्योंकि वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि अवाप्ति प्रक्रिया की जरूरत जताने वाला ही अवाप्ति के लिए राशि देगा। इससे नगरीय विकास विभाग की नजरें जेडीए की तरफ घूम गई है। उधर, जेडीए आर्थिक तंगी का हवाला दे कई विकास कार्यों के प्रस्ताव को रोका हुआ है,
ऐसे में अवाप्ति का मामला पेचीदा हो सकता है। कलेक्टर ने भी जेडीए की बजाय सीधे नगरीय विकास विभाग को राशि जमा कराने का पत्र भेजा है। हालांकि, बिल्डरों ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा रखा है।

मंत्रालय ने मांगे हैं सुझाव

एयरपोर्ट और स्टेट हैंगर की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कुछ माह पहले बाउण्ड्री से 500 फीट तक की दूरी के बीच निर्माण उंचाई तय की थी। इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी राज्यों से कंस्ट्रक्शन जोन व उंचाई को लेकर सुझाव मांगे हैं। सौ फीट तक नो कंस्ट्रक्शन जोन, 100-200 फीट दूर तक 4 मीटर उंचाई तक निर्माण, 200 से 300 फीट तक 7 मीटर, तीन सौ से चार सौ फीट 11 मीटर उंचाई, चार सौ से पांच सौ फीट दूरी तक 14 मीटर उंचाई तक ही निर्माण स्वीकृति पर सहमति जताई गई थी।

 

खुद उधार पर बना रहे प्रोजेक्ट (रुपए करोड़ में)

द्रव्यवती नदी 1098
एलीवेटेड रोड 187
दांतली आरओबी 59.22
झोटवाड़ा 125
सीतापुरा आरओबी 79
बस्सी आरओबी 33.5
जाहोता आरओबी 57
आनंदलोक आरयूबी 22

 

पीडब्ल्यूडी अफसरों के साथ गणना

गणना में पीडब्यूडी की बीएसआर दर का उपयोग किया गया है। इसके लिए एसडीएम उत्तर और पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता स्तर पर गणना की गई है। तीनों इमारतों का निर्माण क्षेत्र को भी इसी शामिल किया है।

 

जल्द उच्च स्तर पर होगा निर्णय

स्टेट हैंगर से सटी इमारतों की अवाप्ति के लिए जिला कलक्टर ने 495 करोड़ रुपए जमा कराने के लिए कहा है। इस संबंध में जल्द उच्च स्तर पर निर्णय होगा।

-राजेन्द्र सिंह शेखावत, संयुक्त सचिव, नगरीय विकास विभाग

 

प्रस्ताव भेजा

अवाप्ति की राशि वित्त विभाग स्तर पर ही देने पर सहमति हुई थी। भूमि अधिग्रहित कानून में भी स्पष्ट है कि अवाप्ति की जरूरत जताने वाले को ही मुआवजा राशि देनी होगी। यूडीएच ने ही जिला कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा है। जेडीए मुआवजा देगा या नहीं, यह भी सरकार स्तर ही तय होगा।

-वैभव गालरिया, जेडीसी

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rajesh walia Desk/Reporting
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