कोरोना संकट के बीच होगा कांग्रेस संगठन का विस्तार, जल्द घोषित होगी जिलाध्यक्षों की सूची

अधिकांश जिलों में अध्यक्षों के नामों को लेकर होमवर्क पूरा, जिला प्रभारियों ने तीन-तीन नामों के पैनल प्रदेश प्रभारी को भेजे, जिलाध्यक्षों के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का भी होगा विस्तार, प्रदेश कार्यकारिणी में दो दर्जन से ज्यादा नेताओं को मिल सकती है जगह

By: firoz shaifi

Published: 19 Apr 2021, 11:49 AM IST

फिरोज सैफी/जयपुर।

प्रदेश में चल रहे कोरोना संकट के बीच प्रदेश कांग्रेस संगठन का विस्तार की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी विस्तार और जिलाध्यक्षों की घोषणा इसी इसी माह हो सकती है। कांग्रेस से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने भी संकेत दिए हैं।

माना जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी अजय माकन जिलाध्यक्षों और प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार के नामों को लेकर जल्द घोषणा कर सकते हैं। बताया जाता है कि अधिकांश जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर होमवर्क पूरा हो चुका है। इन नामों पर अब केवल प्रदेश नेतृत्व और प्रदेश प्रभारी की मुहर लगना बाकी है।

30 जिलों से तीन-तीन नामों के पैनल दिल्ली पहुंचे
सूत्रों की माने तो प्रदेश के 30 जिलों से नामों के पैनल प्रदेश प्रभारी अजय माकन के पास पहुंच चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस के जिला प्रभारियों ने तीन तीन नामों का पैनल बनाकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश प्रभारी अजय माकन को भी भेजे हैं।

हालांकि कई जिलों से नामों का पैनल 1 या 2 दिन में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय और प्रदेश प्रभारी को भेजने की तैयारी है। उसके बाद प्रदेश प्रभारी अजय माकन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ मंथन कर तीन-तीन नामों में से एक नाम को फाइनल कर उस पर अपनी मुहर लगाएंगे और उसके बाद जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी।

प्रदेश कार्यकारिणी का होगा विस्तार
वहीं बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्षों के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। कार्यकारिणी विस्तार में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को जगह मिल सकती हैं। इनमें उपाध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिव और प्रदेश प्रवक्ताओं के नाम भी शामिल हैं। कार्यकारिणी विस्तार में एडजस्ट होने के लिए नई कार्यकारिणी में आने से वंचित रहे नेताओं ने दिल्ली तक खूब दौड़ लगाई है।

जिलाध्यक्षों के नामों पर विधायकों की चली
सूत्रों की माने तो जिलाध्यक्षों के भेजे गए पैनल में विधायकों की राय को अहमियत दी गई है।जिलाध्यक्षों को लेकर विधायकों से राय ली गई थी। हालांकि कई जिलों में विधायकों ने जिलाध्यक्ष चुनने का फैसला प्रदेश नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व पर छोड़ा है।

जयपुर पर माथापच्ची
इधर भले ही 30 जिलों से जिलाध्यक्षों के पैनल बनाकर दिल्ली भेजे गए हों, लेकिन कई जिले ऐसे भी हैं जहां पर नामों को लेकर खींचतान चल रही है। जयपुर भी उन जिलों में शामिल हैं। दरअसल यहां नामों को लेकर खींचतान हैं। जिलाध्यक्षों में सबसे प्रभावशाली मान जाने वाले जयपुर अध्यक्ष पद पर नामों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है, यहां अल्पसंख्यक, वैश्य, ब्राह्मण और ओबीसी नेताओं की दावेदारी है। जिसके चलते जयपुर जिलाध्यक्ष का मामला उलझ गया है।

कोरोना काल में संगठन का विस्तार इसलिए भी जरूरी
संगठन से जुड़े नेताओं की माने तो कोरोना काल में जिलास्तर पर संगठन का विस्तार इसलिए भी जरूरी है कि जिस प्रकार में प्रदेश में कोरोना तेजी से फेल रहा है ऐसे में कांग्रेस संगठन भी सरकार के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर सके और जनता की हर संभव मदद करके उनके दुख तकलीफों को साझा कर सकें।

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