पेगासस जासूसी मामलाः राजभवन घेराव के लिए कूच कर रहे कांग्रेसियों की पुलिस से धक्का-मुक्की, करना पड़ा बल प्रयोग

-कांग्रेस नेताओं ने की एक सुर में मोदी शाह के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, 500 से ज्यादा कार्य़कर्ता जुटे कांग्रेस के राजभवन घेराव प्रदर्शन में

By: firoz shaifi

Published: 22 Jul 2021, 06:25 PM IST

जयपुर। पेगासस जासूसी मामले में देश में हंगामा मचा हुआ है। विपक्ष इस मामले में केंद्र सरकार को चौतरफा कह रहा है, देश भर में गुरुवार को कांग्रेस की ओर से राजभवन का संकेत घेराव कर न्यायिक जांच की मांग की गई। राजधानी जयपुर में भी प्रदेश कांग्रेस की ओर से सिविल लाइन फाटक पर प्रदर्शन कर राजभवन घेराव का प्रयास किया गया।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में राजभवन की ओर कूच कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने सिविल लाइंस फाटक पर आगे बढ़ने से रोका तो कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

इस दौरान पीसीसी गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं लेकिन आज देश की अस्मिता पर खतरा है ना किसान की सुनी जा रही है और ना ही आम आदमी की। उन्होंने कहा कि जासूसी प्रकरण की जांच हर हाल में होनी चाहिए। डोटासरा जासूसी प्रकरण की निष्पक्ष जांच होने और दूध का दूध पानी होने तक कांग्रेस का ही संघर्ष जारी रहेगा।


सांकेतिक राजभवन घेराव में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास रघु शर्मा, बीडी कल्ला, मंत्री सुभाष गर्ग, ममता भूपेश, सुखराम विश्नोई, भंवर सिंह भाटी, मुख्य सचेतक महेश जोशी, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश घोगरा, विधायक गोविंद राम मेघवाल, अमीन कागजी, रफीक खान, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, आरसीए चेयरमैन वैभव गहलोत और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रेहाना रियाज शामिल हुए।

मोदी सरकार पर बरसे कांग्रेस नेता
राजभवन घेराव से पहले सिविल लाइन फाटक पर हुई सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने एक सुर में फोन टैपिंग मामले को लेकर मोदी सरकार से इस्तीफे की मांग की। सभी नेताओं ने फोन टैपिंग मामले को निजता का उल्लंघन और देश की अस्मिता के साथ खिलवाड़ बताया। मंच से संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि दो लोगों की तरफ से आज देश के लोगों की जासूसी करवाई जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से लेकर कांग्रेस नेताओं को रडार पर लिया गया है। इस मामले में गृह मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए साथ ही सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पीएम मोदी को जांच के दायरे में रखकर जांच की जानी चाहिए, ताकि देश को पता चल सके कि क्या किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने ऑक्सीजन के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा।

कोरोना गाइडलाइन की उड़ी धज्जियां
वहीं प्रदेश कांग्रेस राजभवन घेराव में एक बार फिर फिर कोविड प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में तकरीबन 500 से ज्यादा लोग जुटे। प्रदर्शन में ना सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया और न ही मास्क का। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते हुए भी नजर आए। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां कांग्रेस के प्रमुख मंत्रियों के सामने उड़ती हुई नजर आईं लेकिन किसी ने भी मंच से एक बार भी टोकना मुनासिब नहीं समझा।


गौरतलब है कि पेगासस जासूसी कांड का मामला सामने आने के बाद देश भर में विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित पत्रकारों, जजों और नेताओं के फोन टेप किए गए हैं जिसके बाद कांग्रेस इस मामले को लेकर सड़कों पर उतरी है।

firoz shaifi Desk
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