29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चांद के लिए रवाना हुए नासा के क्यूबसैट से टूटा संपर्क

अंतरिक्ष की हलचल: वैज्ञानिकों की टीम समस्या को दूर करने में जुटी
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Aryan Sharma

•

Updated: 7 Jul 2022, 1:40 AM IST

चांद के लिए रवाना हुए नासा के क्यूबसैट से टूटा संपर्क

चांद के लिए रवाना हुए नासा के क्यूबसैट से टूटा संपर्क

वॉशिंगटन. चांद के लिए रवाना किए गए अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी के छोटे क्यूबसैट के रास्ते में बाधा आ गई है। क्यूबसैट का डीप स्पेस नेटवर्क (डीएसएन) से संपर्क टूट गया है। डीएसएन नासा का रेडियो एंटीना नेटवर्क है, जो दूसरे ग्रहों पर भेजे जाने वाले स्पेसक्राफ्ट से जुड़ा रहता है। वह पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले कई सैटेलाइट्स के संपर्क में भी रहता है।
क्यूबसैट को कैपस्टोन के नाम से भी जाना जाता है। नासा ने एक बयान में बताया कि उसकी टीम कैपस्टोन से संपर्क बहाल करने और समस्या का कारण जानने में जुटी है।
नासा के पास कैपस्टोन का डेटा है। सुधार होने तक कैपस्टोन के लिए पर्याप्त ईंधन है। कैपस्टोन को 28 जून को रॉकेट लैब के इलेक्ट्रॉन बूस्टर के जरिए लॉन्च किया गया था। उसने करीब एक हफ्ता पृथ्वी की कक्षा में बिताया। चांद पर भेजने के लिए इसे बीच-बीच में फोटान इंजन के जरिए पृथ्वी की कक्षा से दूर ले जाया गया।

निकल चुका था पृथ्वी की कक्षा से
मंगलवार को नासा के इस मिशन ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए फोटान इंजन को आखिरी बार जलाया था, ताकि कैपस्टोन पूरी तरह पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर चांद की ओर जाने वाले रास्ते में पहुंच सके। चांद के रास्ते में आने के बाद माइक्रोवेव के आकार का क्यूबसेट स्पेसक्राफ्ट से अलग हो गया और चांद की तरफ बढ़ रहा था। इसी दौरान उसका संपर्क टूट गया।

13 नवंबर तक होगा चांद के पास
अगर सब कुछ ठीक रहा तो कैपस्टोन के 13 नवंबर को चांद तक पहुंचने के आसार हैं। चांद के करीब पहुंचने के बाद यह उसके चक्कर लगाएगा। इसके डेटा का इस्तेमाल कर वैज्ञानिक मून गेटवे लॉन्च करेंगे, जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की तरह चांद के चक्कर लगाएगा। आर्टिमिस मिशन के दौरान धरती से एस्ट्रोनॉट पहले यहां जाएंगे और यहां से उन्हें चांद पर उतारा जाएगा।