Corona : अब एसएमएस के अलावा दूसरे मेडिकल कॉलेजों में भी शुरू होगी प्लाज्मा थैरेपी

Corona : जयपुर . SMS Hospital में Plasma Therapy के परिणामों को देखते हुए अब अन्य Medical Colleges में भी इसे शुरू किया जाएगा।

By: Anil Chauchan

Published: 20 Jul 2020, 07:08 PM IST

Corona : जयपुर . एसएमएस अस्पताल ( SMS Hospital ) में प्लाज्मा थेरेपी ( Plasma Therapy ) के परिणामों को देखते हुए अब अन्य मेडिकल कॉलेजों ( Medical Colleges ) में भी इसे शुरू किया जाएगा।


कोरोना संक्रमण की रोकथाम की दृष्टि से राजस्थान देश में अग्रणी प्रांतों में शामिल है। प्रदेश में कोरोना सैंपल जांच की संख्या बढ़ाकर औसतन प्रतिदिन 25 हजार करने से हालांकि पॉजीटिव लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन कोरोना पॉजिटिव का जल्दी पता लगने से समय पर उपचार के परिणाम स्वरूप रिकवरी रेट सुधरकर 73.83 प्रतिशत तथा कोरोना से होने वाली मृत्युदर कम होकर 1.90 प्रतिशत रह गई है।


सभी जिलों में पर्याप्त प्र्याप्त कोविड केयर सेंटर एवं कोविड केयर अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। एमसएमएस अस्पताल में प्लाज्मा थेरेपी के परिणामों को देखते हुए अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी इसके विस्तार के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को जांच के क्रम में जिलेवार पॉजिटिव आने वाले मरीजों का विश्लेषण कर संवेदनशील स्थानों पर फोकस कर जांच कराने व नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए गए हैं।


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी प्रोटोकॉल मसलन मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग रखना, बार-बार हाथ धोना एवं भीड़-भाड़ में जाने से बचने की अपील की है। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए निर्धारित समस्त प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने की समीक्षा, रणनीति और सृदढ़ की जाएगी -
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्यए अखिल अरोड़ा, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया सहित राज्य स्तरीय चिकित्सकीय विशेषज्ञ दल एवं सभांगीय सचिवों के साथ चर्चा कर कोविड -19 की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। चर्चा में कोरोना के प्रभावी नियंत्रण की दृष्टि से रणनीति को और मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए। संभागीय प्रभारी सचिवों को नियमित रूप से जिला कलेक्टर्स, महानिरीक्षक पुलिस, आयुक्त पुलिस, पुलिस अधीक्षकों एवं सीएमएचओ के संपर्क में रहकर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।


मुख्य सचिव ने बताया कि हालांकि राजस्थान कोविड -19 प्रबंधन के मानकों में देश का अग्रणी राज्य है, लेकिन देशभर तथा प्रदेश में कोविड -19 प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रभावी रूप से सोशल डिस्टेसिंग लागू करने, मास्क पहनना सुनिश्चित करवाने तथा सेनेटाइजेशन की प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है। इस संबंध में जन चेतना जागृत करने केसाथ ही उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने एवं कार्य स्थल पर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यवस्थापकों के विरूद्ध करने के भी निर्देश दिए गए।


स्वरूप ने कोविड -19 की कड़ी को रोकने के लिए जांच पर विशेष रूप से फोकस करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से वल्नरेबल गु्रप, सुपर स्प्रेडर आदि पर विशेष ध्यान देने के साथ ही सघन आबादी वाली बस्तियों एवं पॉजिटिव मामलों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर पर्याप्त मात्रा में सैंपल लेकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पॉजिटिव की संख्या को ध्यान में रखते हुए पाली जिले में अतिरिक्त राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं अलवर, बीकानेर व पाली में अतिरिक्त चिकित्सा दल भेजे गए हैं। कोविड -19 के प्रसार के पैटर्न का अध्ययन कर पाली शहर, बाड़मेर शहर, बीकानेर चार दीवारी, सांचौर आदि क्षेत्रों में कठोर कंटेंमेंट लागू किया गया है।

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