अन्य सेवाओं से आइएएस में चयन का विवाद फिर से चर्चा में

2018 की भर्ती किए बिना 2019 की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से विवाद
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र, राज्य सरकार और यूपीएससी से मांगा जवाब

By: KAMLESH AGARWAL

Published: 14 Jun 2020, 09:40 PM IST


जयपुर
राज्य में अन्य सेवाओं से आइएएस में चयन को लेकर विवाद सालों से चल रहा है। आरएएस कैडर के अफसर अन्य सेवाओं से आइएएस सेवा में लेने का विरोध करते रहे हैं। इसमें अब एक नया विवाद और जुड़ गया है। मामला सरकार की ओर से 2018 के 4 पदों को भरे बिना 2019 के पदों को भरने की प्रक्रिया का है। जिसके खिलाफ राज्य सरकार की स्क्रीनिंग से चयनित बीस अधिकारियों ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। जिस पर कोर्ट ने केंद्र, राज्य और यूपीएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
राज्य में अन्य सेवाओं (नॉन स्टेट सिविल सर्विस आफिसर्स) से 2018 के भर्ती के तहत 4 पदों के लिए राज्य सरकार ने 20 अफसरों के नाम यूपीएससी को भेजे थे। यूपीएससी ने 30 दिसंबर 2019 को साक्षात्कार का शेड्यूल तय किया, लेकिन यूपीएससी ने साक्षात्कार कमेटी के 2 सदस्य मौजूद नहीं रहने का हवाला देते हुए साक्षात्कार रद्द कर दिए। इस वजह से 2018 के रिक्त पदों पर अन्य सेवाओं से आइएएस में चयन नहीं हो सका। अब राज्य सरकार ने 27 मई 2020 को वर्ष 2019 के लिए नया विज्ञापन जारी कर दिया। माना जा रहा है कि अब इन्हीं चार पदों के लिए नए सिरे से आइएएस में चयन प्रक्रिया शुरू होगी। यानि नए दावेदारों के साथ ही नए सिरे से स्क्रीनिंग होगी और इसके बाद बीस नाम फिर से यूपीएससी को भेजे जाएंगे। पूर्व में भेजी सूची में शामिल अफसरों के अधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि सरकार ने 2018 की भर्ती प्रक्रिया को पूरा किए बिना 2019 के तहत वैकेंसी के लिए विज्ञापन जारी किया जो नियम विरूद्ध है। ऐसे में पहले पूर्व की प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए उसी के बाद नए सिरे भर्ती को आगे बढ़ाना चाहिए।

आरएएस से है यह विवाद
आरएएस अफसरों का कहना है प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा में सबसे अधिक अंक लाने के बाद भी उन्हें 29 साल की सेवा पूरी करने के बाद आईएएस बनने का मौका मिल रहा है, जबकि उनसे कम अंक पाने वालों को 17 साल में ही आईएएस बनाने का मौका दिया जा रहा है। इसी के साथ के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि बेहद जरूरी होने और स्टेट सिविल सेवा में से उपयुक्त अधिकारी नहीं मिलने पर ही अन्य सेवाओं से आइएएस अफसर बनाए जा सकते हैं।


इनका कहना है
अन्य प्रशासनिक सेवाओं के प्रदेश में करीबन 55 हजार अधिकारी हैं। जिसमें से साल में एक या दो अफसर आइएएस में जाते हैं। इसका फायदा पूरे प्रदेश को मिलता है। इस संबंध में प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से भी मिल चुका है।
— भजनलाल रोलण,
अध्यक्ष, राजस्थान राज्य अन्य प्रशासनिक सेवा परिसंघ


सरकार विशेष परिस्थितियों में ही अन्य सेवाओं से अफसरों को आइएएस सेवाओं में ले सकती है। पहले सरकार यह बताए कि विशेष परिस्थतियां क्या हैं? करीबन 27 साल की सेवाओं के बाद आरएएस अफसर आइएएस बनता है और अन्य सेवाओं से 17 साल बाद ही इसके लिए योग्य हो जाता है। यह कैसे व्यवहारिक है?

शाहीन अली, अध्यक्ष, आरएएस अफसर एसोसिएशन

KAMLESH AGARWAL Desk
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