हाथी खरीदना आसान, पालना मुश्किल

लॉकडाउन में देश के एकमात्र हाथी गांव में पालकों के साथ बड़ी दिक्कत 5100 से लेकर 10 हजार रुपए तक एक हाथ के लेते हैं शादी में 850 रुपए मिलते हैं हाथी सवारी के आमेर फोर्ट पर 1100 रुपए हाथी की सवारी के लेते हैं हाथी गांव में जयपुर. लॉकडाउन की वजह से राजधानी के हाथी पालकों के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। एक माह से हाथियों को बांधकर खिलाना बहुत महंगा पड़ रहा है। इन लोगों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हाथी लाने के बाद ऐसी दिक्कत भी आएगी। अब लग रहा है कि हाथी को खरीदना तो आसान है, लेकिन पाल

By: Sudhir Bile Bhatnagar

Updated: 07 May 2020, 05:29 PM IST

हाथी पालकों ने बताया कि प्रतिदिन एक हाथी 3000-3500 रुपए की खुराक खाता है। इन दिनों यह बहुत मुश्किल है। आगे भी सब कुछ सामान्य होने के कोई आसार भी नहीं दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि न तो अभी पर्यटन सीजन शुरू होगा और न ही बड़े स्तर पर शादियां होने की संभावना दिखाई दे रही हैं। ऐसे में हाथी पालकों के परिवारों को हाथी कल्याण संस्था सहयोग कर रही है। प्रतिदिन 600 रुपए संस्था की ओर से दिए जाते हैं। हालांकि, ये आर्थिक सहयोग काफी कम है। आमेर विश्व की एकमात्र हैरिटेज साइट है, जहां पर हाथी की सवारी की जाती है।

हाथी गांव में अभी हैं 103 हाथी
देश के पहले हाथी गांव में अभी 103 हाथी हैं। गन्ने से लेकर सूखी ज्वार और पांच किलो आटे की रोटी बनाकर हाथियों को खिलाई जाती है। गर्मियों में च्यवनप्राश भी दिया जाता है। लॉकडाउन की वजह से हाथी गांव में भी कोई नहीं आ पा रहा है।

अभी सब कुछ सामान्य होने की संभावना नहीं

लॉकडाउन के बाद से आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई है। हाथी कल्याण संस्था की ओर से कुछ मदद की जा रही है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। आगे भी अभी सब कुछ सामान्य होने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में सरकार से मांग है कि हाथियों को बचाने के लिए कुछ सहयोग करें।
-बल्लू खान, अध्यक्ष, हाथी गांव विकास समिति

Sudhir Bile Bhatnagar
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