
जयपुर। अभी तक तो चुनावों में फर्जी मतदान करने वाले कई तरीकों से बच निकलते थे। फर्जी मतदाता पार्टियों का गणित भी बिगाड़ देते थे, लेकिन अब फर्जी मतदान करने वाला निर्वाचन आयोग की जद में होगा। चुनाव आयोग चुनाव सुधारों के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए नए-नए प्रयोग कर रहा है। इन्ही प्रयोगों के तहत कल से ईआरओ नेट की शुरुआत हो रही है।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आईआरओ नेट की सहायता से राजस्थान के 4 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम चुनाव आयोग के ऑनलाइन सर्वर पर होंगे। मतदाताओं के नाम ऑनलाइन सर्वर पर होने से एक मतदाता किसी भी तरह दो जगह मतदान नहीं कर सकेगा। ईआरओ नेट के संचालन के लिए निर्वाचन विभाग ईआरओ और बीएलओ स्तर पर प्रशिक्षण भी दे चुका है।
एक ही जगह कर सकेगा मतदान
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ईआरओ नेट चुनाव सुधारों की दिशा में एक बेहतर कदम है। अब तक लगातार सूचनाएं मिलती थी कि एक मतदाता का नाम जिन विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज है और एक मतदाता दो जगह भी मतदान कर रहा है। लिहाजा ऐसी स्थिति स्वच्छ मतदान प्रक्रिया में बाधक थी।
अब ईआरओ नेट शुरू होने पर एक मतदाता पूरे देश में एक ही जगह मतदान कर सकेगा। अगर किसी मतदाता का नाम दो विधानसभा में दर्ज है तो ईआरओ नेट की सहायता से तत्काल पता चल जाएगा और ईआरओ नेट की सहायता से उसे हटा दिया जाएगा।
चार करोड़ से ज्यादा मतदाता ऑनलाइन सर्वर पर
अभी तक प्रदेश के मतदाताओं के नाम प्रदेश के निर्वाचन विभाग के सर्वर पर ही थे, लेकिन अब ईआरओ नेट शुरू होने के बाद प्रदेश के चार करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम चुनाव आयोग के ऑनलाइन सर्वर पर होंगे।
Published on:
03 Oct 2017 01:13 pm
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