Fact Check: कोरोना के चलते डब्ल्यूएचओ ने पत्तागोभी खाने से नहीं किया मना, वायरल पोस्ट फर्जी

पत्तागोभी में सबसे अधिक कोरोना वायरस ठहरने का दावा, दावा- पत्ता गोभी खाने से डब्ल्यूएचओ ने किया मना, सोशल मीडिया पर यूजर्स कर रहे पोस्ट शेयर, सच : डब्लयूएचओ ने ऐसी कोई दावा नहीं किया, जानें इस वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई

By: Gaurav Mayank

Published: 18 Apr 2020, 07:01 PM IST

सोशल मीडिया पर किसी फोटो और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल किया जाता रहता है। वहीं किसी पुरानी फोटो और वीडियो को नया बताकर भी उसे शेयर किया जाता है। कई बार सच्चाई कोसों दूर होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग बिना सच जाने उसे वायरल करते रहते हैं।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पत्तागोभी खाने से मना किया है। इसी पोस्ट में आगे दावा किया गया है कि पत्तागोभी की सतह पर कोरोना वायरस 30 घंटे तक जीवित रहता है। राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि यह दावा गलत है। इस पोस्ट की पड़ताल की तो सच्चाई कुछ और ही सामने आई। जांच के अनुसार वायरल पोस्ट का ये दावा फर्जी निकला है।

यह हो रहा वायरल
सोमनाथ रस्तौगी नाम के यूजर ने फेसबुक पर इस पोस्ट को शेयर किया है। इसमें लिखा है कि 'पत्ता गोभी हो सकते तो मत खाना। ठीक सुना आपने। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार पत्ता गोभी की परत में कोरोना वायरस सबसे ज्यादा समय ठहर रहा है। जहां बाकी जगह यह वायरस 9 से 12 घंटे ठहर रहा है। वहीं पत्ता गोभी में यह वायरस 30 घंटे से अधिक ठहर रहा है। सभी शहर के लोगों से निवेदन है कि पत्ता गोभी से दूरी बनाएं।' इस पोस्ट को अब तक करीब 100 लोग शेयर कर चुके हैं। वहीं करीब 50 से अधिक लोग लाइक कर चुके हैं। ऐसे ही ट्विटर पर भी यूजर इस दावे के साथ इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं।

जांच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच शुरू की। हमने सबसे पहले डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर यह तलाशा कि ऐसी कोई सूचना मौजूद है या नहीं। डब्ल्यूएचओ की आधिकारिक वेबसाइट पर पत्तागोभी के सेवन को लेकर कोई चेतावनी नहीं मिली। हमें आगे की पड़ताल में सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल्स एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की वेबसाइट पर एक फूड सेफ्टी रिपोर्ट मिली। इसके मुताबिक, ऐसा कोई सबूत नहीं है जो यह दावा करे कि कोरोना वायरस का संक्रमण खाद्य सामग्री से फैलता है। यूरोपियन फूड सेफ्टी अथॉरिटी की दूसरी रिपोर्ट भी कहती है कि इसका कोई सबूत नहीं है कि कोरोना वायरस को फैलाने का स्रोत खाद्य सामग्री भी हो सकती है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने भी पीआईबी फैक्ट चेक हैंडल से ट्वीट कर इस वायरल दावे को खारिज किया है।

सब्जियों को अच्छी तरह से धोएं
हमने एक डॉक्टर से बात की तो उन्होंने बताया कि 'किसी भी सब्जी को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से धोना चाहिए। किसी भी बीमारी से लड़ाई को अपने प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए हरी पत्तेदार और विटामिन के स्रोत वाली सब्जियां ज्यादा खाइए। इस वायरस के साथ-साथ इस तरह की फर्जी और अवैज्ञानिकों खबरों से भी दूर रहने की जरूरत है।' फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉक्टर एसी मिश्रा के मुताबिक, 'इस बात का कोई सबूत नहीं है, जो यह बताए कि कोरोना वायरस खाद्य सामग्री के जरिए फैलता है। जनरल फूड सेफ्टी के लिए जरूरी है कि आप हमेशा अपने हाथ 20 सेकंड तक साबुन और पानी से धोएं। खाने से पहले फलों और सब्जियों को अच्छे तरीके से धोना भी जरूरी है।'

सच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच शुरू की। हमने पाया कि पत्तागोभी पर कोरोना वायरस के 30 घंटे तक रहने और इसे खाने से वायरस फैलने का खतरा बताने वाली पोस्ट गलत है। वायरल पोस्ट का यह दावा झूठा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने पत्तागोभी खाने से मना किया है।

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